Sagar -सतारा मामले में डाक्टरों का गुस्सा फूटा, IMA का काली पट्टी बांधकर किया विरोध,
महाराष्ट्र के सतारा में एक महिला डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में जीवनलीला को समाप्त करने के बाद पूरा चिकित्सा समुदाय गुस्से में है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के सागर में भी आज डॉक्टरों ने काला पट्टी बांधकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन IMA सागर शाखा के 300 से अधिक डॉक्टर आज मौन आक्रोश के साथ अपने कार्यस्थलों पर पहुंचे।
डॉक्टरों का कहना है कि सतारा में कार्यरत महिला डॉक्टर को नेताओं और पुलिस तंत्र के गठजोड़ ने इतना प्रताड़ित किया कि उसे जीवनलीला को समाप्त कर ली। पीड़ित डॉक्टर पर कथित रूप से फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने का दबाव बनाया जा रहा था। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। यही नहीं एक सांसद और उसके निजी सहायक द्वारा लगातार दबाव और धमकियों के आरोप भी सामने आ रहे हैं।
डॉ. तल्हा साद, अध्यक्ष IMA सागर ने बताया कि डॉक्टर मरीजों की सेवा के लिए होते हैं… उन पर इस तरह का राजनीतिक और पुलिसिया दबाव बेहद शर्मनाक है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। IMA सागर के सचिव डॉ. रोशी जैन ने कहा कि देशभर में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में चिकित्सा सेवाएं देने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
ऐसी घटनाएं मनोबल तोड़ती हैं… यदि डॉक्टर ही सुरक्षित नहीं तो मरीजों को बेहतर सुविधा कैसे मिलेगी? डॉक्टरों ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की अपील की है, ताकि भविष्य में कोई और डॉक्टर इस तरह की मजबूरी में जान न गंवाए। सतारा से उठी यह लपट पूरे देश में फैल रही है… अब देखना यह है कि क्या पीड़ित डॉक्टर को न्याय मिलेगा? या एक और मामला सिस्टम की फाइलों में ही दफ्न रह जाएगा?