सागर- सीपीआर से सीखा जीवन बचाने का हुनर, सागर में दिव्यांग छात्रों को मिली नई ताकत! |SAGAR TV NEWS|
सागर में आज एक ऐसा आयोजन हुआ जिसने न केवल ज्ञान दिया बल्कि जीवन बचाने की कला भी सिखाई। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सागर और स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित सीपीआर कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन प्रशिक्षण शिविर में दिव्यांग छात्रों ने न सिर्फ हिस्सा लिया बल्कि मौके पर ही प्रमाणपत्र भी प्राप्त किए।
आईएमए और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह जीवन रक्षक कार्यक्रम सागर के एक्सीलेंस स्कूल में हुआ। इस मौके पर डॉ. अंशुल नेमा ने छात्रों को आपातकालीन परिस्थिति में जीवन बचाने की सीपीआर तकनीक सिखाई। उन्होंने बताया कि दिल का दौरा पड़ने या सांस रुकने की स्थिति में यह तकनीक बेहद उपयोगी है और आम व्यक्ति भी इससे किसी की जान बचा सकता है।
कार्यक्रम की सबसे खास बात रही — 30 दिव्यांग छात्रों का मौके पर परीक्षण और प्रमाणपत्र वितरण। छात्रों के चेहरों पर आत्मविश्वास और खुशी साफ झलक रही थी। स्वास्थ्य विभाग की क्षेत्रीय संचालक डॉ. नीना गिडियन ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से बच्चों और दिव्यांगों में आपात सहायता की जागरूकता और आत्मनिर्भरता दोनों बढ़ती है।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने बताया कि सीपीआर एक ऐसी तकनीक है जो मिनटों में जीवन-मृत्यु के बीच का अंतर तय कर सकती है। उन्होंने कहा — “यदि समय पर सही सीपीआर दिया जाए, तो 70 प्रतिशत तक लोगों की जान बचाई जा सकती है। कार्यक्रम में आईएमए सचिव डॉ. रोशी जैन, डॉ. आदित्य दुबे, डॉ. सुशीला यादव, डॉ. भारत तोमर, और स्कूल के अनेक शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस प्रशिक्षण को एक सार्थक और प्रेरणादायक प्रयास बताया।