गर्भवती शिक्षिका ने प्रभारी प्राचार्य पर लगाए गंभीर आरोप बोलीं, चार दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई !
एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले के शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चन्द्रनगर से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। विद्यालय में पदस्थ एक चार माह की गर्भवती महिला शिक्षक ने विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री कृष्णकांत अग्निहोत्री (के.के. अग्निहोत्री) पर अनादर, परेशान करने और नुकसान पहुँचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता, जो अंग्रेजी विषय की शिक्षिका हैं, ने बताया कि 29 अक्टूबर 2025 को विद्यालय परिसर में प्रभारी प्राचार्य ने उनके साथ बुरी नियत से अनुचित व्यवहार किया और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।
उन्होंने इसकी शिकायत अगले ही दिन, 30 अक्टूबर 2025 को थाना बमीठा और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित रूप में की थी। लेकिन 03 नवंबर 2025 तक एफआईआर दर्ज नहीं होने से शिक्षिका ने पुलिस प्रशासन पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि कार्रवाई में देरी से आरोपी के हौसले बुलंद हैं और अब वे उन्हें बार-बार धमका रहे हैं।
महिला शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने अब तक , दो बार कलेक्टर को ज्ञापन, महिला थाना में आवेदन, और दो बार जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है, लेकिन अब तक किसी स्तर पर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक छतरपुर से पुनः गुहार लगाई है कि आरोपी प्राचार्य के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और एफआईआर दर्ज कर उन्हें न्याय दिलाया जाए, ताकि महिला शिक्षकों की गरिमा और सुरक्षा सुरक्षित रह सके।
वहीं इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी अरुण शंकर पांडे ने कहा कि शिक्षिका की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी किरण कौशिक को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही होगी। यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां एक गर्भवती शिक्षिका की गुहार प्रशासनिक तंत्र की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रही है।