सागर की लाखा बंजारा झील पर केरल के 51 पर्यटक हुए मंत्रमुग्ध, गंगा आरती में झूम उठा आस्था का संगम
सागर शहर के इतिहास में सोमवार की शाम एक अविस्मरणीय क्षण बन गई, जब केरल के 51 पर्यटकों ने लाखा बंजारा झील किनारे आयोजित गंगा आरती में शामिल होकर धर्मलाभ लिया। नगर निगम आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी के कार्यकारी निदेशक राजकुमार खत्री के मार्गदर्शन में सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा किए गए सौंदर्यीकरण और स्वच्छता प्रयासों का यह शानदार परिणाम अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।
चकराघाट पर सम्पन्न हुई गंगा आरती में दीपों की रोशनी और भक्ति संगीत से पूरा वातावरण आध्यात्मिकता से भर गया। आरती में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ महार रेजिमेंट की लेफ्टिनेंट कर्नल मोना चंदेल और केरल से आए पर्यटक परिवारों ने भी भाग लिया। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी 51 केरलवासी श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन में डूबे रहे। केरल से आए पर्यटक जयेंद्रन ने बताया, “हमारा 51 लोगों का समूह काशी दर्शन के लिए निकला था। सागर से गुजरते समय इस झील की सुंदरता देखकर हम रुके। जब पता चला कि शाम 7 बजे गंगा आरती होती है, तो हमने भाग लेने का निर्णय लिया। यहां की झील, नौकायन और आरती का अनुभव अविस्मरणीय रहा।
एक अन्य पर्यटक अजय कुमार 63 वर्ष ने कहा, “मैंने पहली बार इतनी सुंदर गंगा आरती देखी है, मन में शांति और आनंद का अनुभव हुआ।” वहीं शिवरामन वी.के. 70 वर्ष ने भावुक होकर कहा, “यह दृश्य स्वर्ग से कम नहीं। मैं अपने राज्य में सबको इसके बारे में बताऊंगा। सागर की लाखा बंजारा झील अब केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का संगम बन चुकी है। यहां हर सोमवार को होने वाली गंगा आरती में शहर के नागरिक भी यजमान बनकर पूजन कर सकते हैं। इच्छुक श्रद्धालु आरती शुरू होने से 30 मिनट पहले अंकित दीक्षित या पुजारीजन से संपर्क कर सकते हैं। यह आयोजन न केवल सागर की पहचान बन रहा है, बल्कि प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर नई आभा बिखेर रहा है।