सागर में पहली बार काशी की तर्ज पर देव दीपावली का आयोजन ! झील पर जगमगाएँगे एक लाख से अधिक दीपक
सागर शहर इस बार देव दीपावली पर एक ऐतिहासिक दृश्य का साक्षी बनने जा रहा है। बनारस की तर्ज पर शहर में पहली बार लाखा बंजारा झील के किनारे एक लाख से अधिक दीपक प्रज्ज्वलित कर देव दीपावली उत्सव मनाया जाएगा। नगर निगम सागर द्वारा यह आयोजन नागरिकों की भागीदारी से 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन किया जाएगा। तीन मढ़िया स्थित स्वच्छता नायक चौक पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ उत्सव का शुभारंभ होगा। इस आयोजन की खास बात यह है कि यह पूरी तरह जनभागीदारी का उत्सव होगा। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने घरों से एक दीपक लेकर आएँ और झील के घाटों को रौशन करें।
निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने बताया कि यह आयोजन सागर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान बनेगा। उन्होंने कहा कि लाखा बंजारा झील का सौंदर्यीकरण और “गंगा आरती” जैसे आयोजन पहले ही झील को धार्मिक पर्यटन का केंद्र बना चुके हैं। इस बार चकराघाट से गणेशघाट तक करीब 500 मीटर लंबे घाट पर 1,11,111 दीप जलाकर भक्ति और आस्था का प्रतीक प्रस्तुत किया जाएगा।
निगमायुक्त ने स्वयं घाटों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सफाई व्यवस्था, विद्युत सज्जा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, आतिशबाजी और गंगा आरती का भी आयोजन होगा। नगर निगम के साथ-साथ समाजसेवी संस्थाएँ, ब्राह्मण समाज, महाकाल संगठन, विचार संस्था, ऑटो यूनियन और अन्य संगठन भी इस आयोजन में भाग लेंगे। निगमायुक्त ने कहा कि हम चाहते हैं कि हर नागरिक अपने घर से एक दीपक लेकर आए और झील को जगमगाए। यह आयोजन सागर की पहचान बनेगा। देव दीपावली के इस पहले भव्य आयोजन से न केवल सागर की सांस्कृतिक विरासत को नया आयाम मिलेगा, बल्कि यह शहर धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई रोशनी से उभरेगा।