सागर- डायबिटीज पर वार, IMA सागर का मिशन, हृदय और किडनी बचाने की पहल |SAGAR TV NEWS|
विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सागर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बण्डा में एक महत्वपूर्ण और जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) सागर और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल का उद्देश्य था—तेजी से फैल रही मधुमेह की महामारी पर नियंत्रण और इससे जुड़े हृदय एवं किडनी रोगों के खतरे को कम करना। कार्यक्रम के दौरान आईएमए के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जितेंद्र सराफ ने बताया कि भारत में हर छठा व्यक्ति मधुमेह का मरीज बन चुका है। यह आंकड़ा केवल डराने वाला नहीं, बल्कि देश के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का संकेत है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो 2045 तक यह संख्या बढ़कर 13 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
सीएमएचओ डॉ. ममता तिमोरी ने अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह महासंघ (IDF) के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि साल 2025 तक भारत में 10 करोड़ वयस्क मधुमेह से ग्रस्त होंगे, जो वैश्विक मामलों का 17% है। उन्होंने इसे “भारत के सामने उभरता हुआ सबसे बड़ा स्वास्थ्य खतरा” बताया। कार्यक्रम में आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद ने जोर देकर कहा कि मधुमेह केवल एक बीमारी नहीं, बल्कि एक ‘साइलेंट किलर’ है। उन्होंने बताया कि मधुमेह के 60% मरीज उच्च रक्तचाप से भी जूझते हैं, जबकि 40% में हृदय संबंधी समस्याएं विकसित हो जाती हैं।
ऐसे में समय पर जांच, सतर्कता और जीवनशैली में सुधार ही इसका एकमात्र समाधान है। स्वास्थ्य सागर की क्षेत्रीय संचालक डॉ. नीना गिडियन ने जिले की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में सागर में मधुमेह के केस 25% तक बढ़े हैं। शहरीकरण, खराब खानपान और व्यायाम की कमी इसे और बढ़ा रही है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि 80% मामले केवल जीवनशैली सुधार से रोके जा सकते हैं।
डॉ. तल्हा साद ने सभी नागरिकों से अपील की—“रोज 30 मिनट पैदल चलें, मीठा कम करें और स्वस्थ भोजन अपनाएं। हमारा लक्ष्य है—सागर जिले में मधुमेह के मामलों को 15% तक कम करना।” कार्यक्रम में बीएमओ डॉ. योगेन्द्र खटिक, डॉ. बरैठा, डॉ. सुशीला यादव, डॉ. मानवेंद्र, डॉ. लकी, नर्सिंग स्टाफ, आशा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाया।