MP | चम्बल में फिर लौटी जान! तस्करों से छुड़ाए गए घड़ियाल-कछुआ शावक आज आज़ाद |SAGAR TV NEWS|
चम्बल नदी से इस वक्त की एक बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक खबर सामने आई है। तस्करों के चंगुल से बचाए गए विलुप्तप्राय घड़ियाल और बटागुर कछुआ के शावकों को जांच और निगरानी के बाद आखिरकार फिर से चम्बल में प्राकृतिक आवास में मुक्त कर दिया गया है। वन विभाग इसे जलीय जीव संरक्षण की एक बड़ी उपलब्धि मान रहा है। एमपी के मुरैना के देवरी घड़ियाल अभ्यारण्य केंद्र में पिछले कई महीनों से रखे गए 30 घड़ियाल शावक और 30 बटागुर कछुए आज सुरक्षा व्यवस्था के साथ चम्बल नदी के किनारे ले जाए गए और वहां सफलतापूर्वक छोड़ दिए गए।
दोनों प्रजातियां विलुप्तप्राय सूची में शामिल हैं और पिछले पाँच दशकों से इनके संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। करीब 6 महीने पहले शिवपुरी एसटीएफ ने मुरैना जिले के जौरा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए जलीय जीव तस्करों के कब्जे से इन शावकों को बरामद किया था। तस्कर इन्हें चम्बल के घाटों से अवैध रूप से पकड़कर वाहन में ले जा रहे थे।
पकड़े जाने के बाद सभी शावकों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर देवरी घड़ियाल केंद्र में रखा गया, जहां लगातार उनकी स्वास्थ्य जांच, भोजन और गतिविधियों पर बारीकी से निगरानी की गई। वन विभाग की टास्कफोर्स लंबे समय से चम्बल में इन प्रजातियों की संख्या बढ़ाने के मिशन पर काम कर रही है। आज की यह रिहाई इस अभियान को और मजबूती देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से चम्बल में घड़ियाल और बटागुर कछुए की जनसंख्या में आने वाले वर्षों में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी।