Sagar-आसमान पर सब्जियां! आलू-टमाटर ही नहीं, इनके दाम भी ₹60 kg से ऊपर, वैज्ञानिक ने गिनाये कारण
सर्दियों के मौसम की शुरुआत और नवंबर का महीना आमतौर पर सस्ती अच्छी ताजी और हरी सब्जियों के लिए जाना जाता है. लेकिन साल 2025 कुछ अलग है इस बार स्थिति बिल्कुल उलट गई हैं. सागर शहर के बाजार में ज्यादातर सब्जियों के दाम 50 रुपए प्रति किग्रा से ऊपर पहुंच चुके हैं. आलू और प्याज को छोड़कर अन्य सभी सब्जियों के दाम बजट से बाहर हैं. आलू 30 और प्याज 20 रुपए किग्रा में मिल रही हैं. टमाटर 60, बैंगन 40 रुपए पालक 60 रुपए और धनिया 200 रुपए किग्रा तक बिक रही है. वहीं भिंडी, शिमला मिर्च, गाजर जैसी आम सब्जियों के दाम भी लगातार चढ़ते जा रहे हैं. गिलकी 100 रुपए किग्रा है.
किसानों के अनुसार अक्टूबर में हुई भारी बारिश से खेतों में लगी फसलें बर्बाद हो गईं. नवंबर की पहले सप्ताह में भी बारिश हुई जिससे जल भराव के कारण कई जगहों पर सब्जियों की बुआई देर से हो पाई. इसका एक कारण यह भी माना जा रहा है कि इस बार सर्दियां समय से पहले ही शुरू हो गई है जिसकी वजह से जो फल फसलों में लगे हुए हैं उनमें पकाव नहीं आ पा रहा लेकिन मार्केट में डिमांड उतनी ही है ऊपर से शादियों का सीजन भी आ गया जिसकी वजह से दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं. नई पैदावार आने में अभी 15 से 20 दिन और लगेंगे.
सागर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर के एस यादव बताते हैं कि इस बार औसत मन से अधिक बारिश होने की वजह से फसल खराब हुई है ज्यादा बारिश और ज्यादा ह्यूमैनिटी होने के कारण फसलों में कई तरह के रोग लग गए थे जिससे किसान दो से तीन बार ही तोड़ाई कर पाए और वायरसों का अटैक हुआ और इसके साथ रोग भी लगे किसान भाई समय पर इनको कंट्रोल नहीं कर पाए वैज्ञानिक पद्धति नहीं अपनी जिसकी वजह से फसले बर्बाद हो गई. इसलिए किसान भाई हमेशा मल्चिंग पर टमाटर की खेती करें बेड पद्धति से करें.