Sagar- 10 हेक्टेयर जंगल की जमीन अतिक्रमण से मुक्त, पूरा क्षेत्र दोबारा वन विभाग के कब्जे में
सागर जिले के मालथौन में वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत मालथौन क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई है। पीएफ-132 इटवा क्षेत्र की करीब 10 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमणकारियों से पूरी तरह मुक्त करा दिया गया है। यह पूरी जमीन अब एक बार फिर वन विभाग के पूर्ण आधिपत्य में आ गई है। इस महत्वपूर्ण अभियान का नेतृत्व वन परिक्षेत्र अधिकारी नितेश सोनी ने किया। उनके साथ डिप्टी रेंजर मुरारीलाल कोरी, वनकर्मी नरेंद्र आर्य, अनिल यादव, आनंद मिश्रा, सत्य जैन, अनिल गर्ग, धर्मेंद्र जाट, मुकेश रजक, भानु परमार और महिला वनरक्षक शशि धाकड़ सहित पूरी टीम लगातार कई घंटों तक मौके पर डटी रही।
जानकारी के मुताबिक, इटवा क्षेत्र की यह जमीन लंबे समय से अतिक्रमण की जद में थी। विभाग की टीम ने योजना बनाकर पहले स्थल का निरीक्षण किया, फिर जेसीबी और विभागीय संसाधनों की मदद से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। देखते ही देखते पूरा क्षेत्र साफ हो गया और वन भूमि को उसके मूल स्वरूप में वापस लाने का कार्य पूरा किया गया। वन विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि वन क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा है कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी हरकत करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी, ताकि जंगल की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों को स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि वन भूमि पर कोई समझौता नहीं होगा। स्थानीय लोगों ने भी वन विभाग के इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण से जंगल का अस्तित्व खतरे में पड़ रहा था, लेकिन विभाग की यह त्वरित कार्यवाही क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देगी।