किसानों की बड़ी जीत ! सरकार ने वापस ली लैंड पुलिंग योजना, जश्न में डूबे किसान
एमपी के उज्जैन के किसानों के लिए आज बड़ा दिन साबित हुआ है। लंबे समय से विरोध की आग में जल रही लैंड पुलिंग योजना को आखिरकार सरकार ने वापस ले लिया। इस फैसले के बाद किसानों में जबरदस्त उत्साह है। कोठी पैलेस के बाहर किसानों ने आतिशबाजी कर, नाच-गाकर और मिठाई बांटकर अपनी जीत का जश्न मनाया।
दरअसल, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत प्रशासन ने उज्जैन में लैंड पुलिंग योजना लागू करने का फैसला किया था। इस योजना का किसान संगठनों ने शुरू से ही विरोध किया। भारतीय किसान संघ लगातार इसके खिलाफ मोर्चा खोले हुए था—कई बार प्रदर्शन, ज्ञापन और चेतावनी दी गई, लेकिन प्रशासन योजना पर अड़ा रहा।
आज किसान संघ द्वारा कोठी पैलेस पर घेरा डालो, डेरा डालो आंदोलन शुरू किया जाना था। इससे पहले सोमवार को भोपाल में सरकार और भारतीय किसान संघ के नेताओं के बीच लंबी बैठक हुई। हालात को भांपते हुए सरकार अंततः बैकफुट पर आई और लैंड पुलिंग योजना को पूर्णतः निरस्त करने का निर्णय लिया।
योजना रद्द होने की खबर उज्जैन पहुंचते ही किसानों के चेहरे खिल उठे। आज बड़ी संख्या में किसान कोठी पैलेस पहुंचे और विजय उत्सव मनाया। ढोल-ढमाकों की गूंज, पटाखों की आवाज और खुशियों से भरी भीड़—किसानों की यह जीत पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है।
कमल आंजना ने कहा—“यह किसानों की ऐतिहासिक जीत है। सरकार को समझ में आ गया कि किसानों की जमीन उनकी जिंदगी है। किसी भी कीमत पर किसान अपनी जमीन देना नहीं चाहते थे। सरकार ने सही निर्णय लिया है।”
किसान संघ ने ऐलान किया है कि वे आगे भी किसान हितों के मुद्दों पर एकजुट रहकर संघर्ष जारी रखेंगे।
उज्जैन में किसानों का यह जश्न साफ बता रहा है कि जब किसान ठान लें, तो बड़ा से बड़ा निर्णय भी पलट सकता है।