सागर- सीओपीडी से बचाव की बड़ी मुहिम! आईएमए और स्वास्थ्य विभाग ने रहली में चलाया जागरूकता अभियान”
सागर जिले के रहली में विश्व सीओपीडी दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रहली में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सागर और स्वास्थ्य विभाग सागर द्वारा संयुक्त रूप से जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष का थीम “Short of Breath, Think COPD” रखा गया है, जिसका उद्देश्य सांस फूलने को सामान्य न मानकर समय रहते सीओपीडी के संकेत पहचानने का संदेश देना है। कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. जितेंद्र सराफ ने की। उन्होंने बताया कि ग्रामीण भारत में सीओपीडी का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। धूम्रपान, खेतों का धुआं, चूल्हे का धुआं और बायोमास ईंधन इसके प्रमुख कारण हैं, जो धीरे–धीरे फेफड़ों को क्षति पहुंचाकर सांस लेने की क्षमता को कमजोर कर देते हैं। क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सागर डॉ. नीना गिडियन ने महिलाओं में तेजी से बढ़ रही सीओपीडी की समस्या पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण घरों में चूल्हे का धुआं महिलाओं के फेफड़ों पर खतरनाक असर डालता है। स्वच्छ ईंधन, धुआं-रहित चूल्हे और नियमित जांच महिलाओं को इस बीमारी से बचाने के प्रभावी उपाय हैं। आईएमए सागर के अध्यक्ष और टीबी–चेस्ट विशेषज्ञ डॉ. तल्हा साद ने बताया कि सीओपीडी के प्रमुख लक्षण— सांस फूलना, लगातार खांसी, बलगम, सीने में जकड़न, सामान्य कार्यों में थकान। इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है। जांच के लिए स्पाइरोमेट्री सबसे महत्वपूर्ण है। उपचार में ब्रोंकोडायलेटर्स, इनहेलर, ऑक्सीजन थेरेपी और फेफड़ों का पुनर्वास शामिल हैं। रोकथाम के लिए धूम्रपान छोड़ना, प्रदूषण से बचना, टीकाकरण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना सबसे जरूरी है।
डॉ. साद ने यह भी बताया कि यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है, और आने वाले समय में ऐसे कई कैंप दूरस्थ इलाकों में भी आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में पूर्व सीएमएचओ डॉ. आई.एस. ठाकुर, जिला क्षय अधिकारी डॉ. आरिफ कुंवराशी, डॉ. बसंत नेमा, डॉ. सुशीला यादव, डॉ. संदीप असती, डॉ. अनामिका, डॉ. अरजरिया सहित दर्जनों नर्सिंग स्टाफ, आशा वर्कर्स और आमजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिससे यह जागरूकता अभियान और प्रभावी बना। विश्व सीओपीडी दिवस पर डॉक्टर , सभी हेल्थकेयर वर्कर और आमजन का धूम्रपान निषेध करने के लिए लिए शपथ दिलाई गई।