Sagar - मुख्यमंत्री विवाह योजना में बड़ा बदलाव अब केवल इन्हें मिलेंगे 49000 रुपए
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के अंतर्गत हर साल सैकड़ो सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किए जाते हैं जिनमें हजारों लोगों की शादियां की जाती हैं इस तरह की सम्मेलन में केवल दूल्हा और दुल्हन पक्ष के लोगों को इस समारोह में शामिल होना पड़ता है, यहां आयोजन के द्वारा खाने-पीने से लेकर ढोल नगाड़े पालकी तक की व्यवस्था होती है सात फेरे करवाने के लिए मंडप और पंडित भी होते हैं शादी संपन्न होने के बाद उन्हें 49000 की राशि भी मिलती है जिससे शादी का खर्च बच ही जाता है साथ ही नई जिंदगी शुरू करने में यह राशि मदद करती है.
लेकिन अब मुख्यमंत्री विवाह निकाह कन्यादान योजना में बड़ा बदलाव किया गया है अब इस सामूहिक विवाह सम्मेलन में हर कोई शामिल नहीं हो सकता है क्योंकि सरकार ने इसके लिए नई गाइडलाइन तय कर दी है इस गाइडलाइन के तहत अब जिनके पास बीपीएल कार्ड मौजूद होगा यानी कि जो गरीबी रेखा की श्रेणी में आएंगे उन्हें ही इस योजना का लाभ मिल पाएगा 2025 26 में होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन में वही लोग हिस्सा ले पाएंगे, जिनके पास बीपीएल कार्ड होगा
सागर में सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक डॉक्टर डी एस यादव बताते हैं कि यह योजना ऐसे गरीब परिवारों के लिए है जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती या माता पिता को बेटी की चिंता सताती है तो वह स्थानीय स्तर पर अपनी जनपद क्षेत्र या नगरीय निकाय क्षेत्र में होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन से विवाह करते हैं तो उनके लिए इस योजना का लाभ मिलता है