सागर-बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती पर ABVP का बड़ा आयोजन — जिलेभर में 5000+ विद्यार्थियों ने दी सामान्य ज्ञान परीक्षा
सागर-बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती पर ABVP का बड़ा आयोजन — जिलेभर में 5000+ विद्यार्थियों ने दी सामान्य ज्ञान परीक्षा
भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती (सार्धशती वर्ष) पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) सागर ने जिलेभर में अभूतपूर्व स्तर पर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इकाइयों तक आयोजित इस परीक्षा में 5000 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
सागर खेल परिसर में मुख्य परीक्षा केंद्र
सागर नगर का मुख्य केंद्र खेल परिसर रहा, जहाँ सुबह 9 बजे से OMR आधारित 1 घंटे की परीक्षा संचालित की गई। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की भारी उपस्थिति ने पूरे परिसर में उत्साह और प्रतिस्पर्धा का अद्भुत माहौल बना दिया। पंजीयन, निर्देश और सामग्री वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह व्यवस्थित और अनुशासित रही।
जिले की सभी इकाइयों में एकसाथ परीक्षा आयोजन
ABVP ने परीक्षा को केवल शहर तक सीमित नहीं रखा, बल्कि जिले के सभी ब्लॉक, नगर एवं ग्रामीण इकाइयों में भी केंद्र स्थापित किए। हर केंद्र पर स्वयंसेवकों और पदाधिकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया को जिम्मेदारी के साथ संचालित किया। जिलेभर के विद्यार्थियों में दिखा उत्साह इस अभियान की व्यापक पहुँच को दर्शाता है।
युवा पीढ़ी को बिरसा मुंडा जी के योगदान से जोड़ने का प्रयास
अभाविप पदाधिकारियों ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा जी जनजातीय समाज के उत्थान और स्वतंत्रता संघर्ष के महानायक रहे हैं। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल ज्ञान परखना नहीं, बल्कि युवाओं को भारत के इतिहास, जनजातीय विरासत और बिरसा मुंडा जी के संघर्ष से अवगत कराना भी है।
मूल्यांकन प्रक्रिया जारी, जल्द घोषित होंगे विजेता
परीक्षा समाप्त होने के बाद सभी केंद्रों की OMR शीट्स सुरक्षित रूप से संकलित कर मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है। ABVP के अनुसार, जिलेभर से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को आगामी समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
अनुशासन और उत्कृष्ट व्यवस्थापन की सराहना
पूरा आयोजन अनुशासन एवं समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। शिक्षकों, अभिभावकों और सहभागी संस्थानों ने इसे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु प्रेरक पहल बताया। कार्यक्रम की सफलता में नगर एवं कॉलेज इकाइयों, विभागीय पदाधिकारियों और सैकड़ों स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।