Sagar- बीना में निकली शाही महाबारात, 8 घंटे का दिव्य नगर भ्रमण, झांकियों ने जीता जन-जन का दिल
बुंदेलखंड की अयोध्या कहलाने वाले ओरछा धाम की तर्ज पर, विवाह पंचमी के पावन अवसर पर सागर जिले के बीना शहर आज पूरी तरह राममय हो उठा। खिरिया वार्ड स्थित श्रीरामनाम सिद्ध पीठ से श्री रामराजा सरकार की चक्रवर्ती ऐतिहासिक शाही महाबारात बड़ी धूमधाम, आस्था और परंपरा के साथ निकाली गई। करीब 8 घंटे तक चले इस भव्य नगर भ्रमण ने पूरे शहर को धार्मिक उल्लास से भर दिया। महाबारात में देश के कई राज्यों से आए कलाकारों ने अद्भुत प्रस्तुति देकर जन-जन का मन मोह लिया।
बीना में निकली पारंपरिक महाबारात में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। महाबारात जैसे ही मुख्य मार्गों से गुजरी, हर घर की बालकनी, छतों, फूटपाथ और डिवाइडर पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालु भी इस दिव्य आयोजन के साक्षी बने।
महाबारात का मुख्य आकर्षण था विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक टीमों की नृत्य और झांकी प्रस्तुतियाँ। अघोरी नृत्य, हनुमान गर्जना, 21 घोड़े, आदिवासी नृत्य दल, पंजाबी भांगड़ा पार्टी, ऊंट का नृत्य, नासिक ढोल और महाकाल डमरू पार्टी ने पूरे माहौल को रोमांचक बना दिया। हवा में गूंजते वाद्य यंत्रों की ताल और जयकारों ने बीना को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
बदनावर से आई चलित झांकियाँ इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहीं। नागलोक और नागकन्या की झांकी, भगवान भोलेनाथ की आराधना, भगवान को नाव से नदी पार कराते दृश्य, सत्यनारायण कथा, भगवान कृष्ण की वस्त्रहरण लीला तथा मां दुर्गा द्वारा महिषासुर वध की झांकी ने हर दर्शक का मन मोह लिया। शाम के समय लाइटिंग और साउंड इफ़ेक्ट्स के साथ ये चलित झांकियाँ मानो जीवंत प्रतीत हो रही थीं।
शाही महाबारात खिरिया वार्ड से शुरू होकर थाना के पीछे, सर्वोदय चौराहा, कॉलेज तिराहा, गांधी तिराहा, महावीर चौक और कच्चा रोड होते हुए पुनः श्रीरामनाम सिद्ध पीठ पहुंची। लगभग 3 किलोमीटर के इस मार्ग को महाबारात ने 8 घंटे में पूरा किया। इसके बाद मंदिर परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों से भगवान श्रीराम और माता जानकी का पावन विवाह संपन्न होगा। महाबारात में गुरु महाराज पंडित हरदेव प्रसाद टोंटे ‘रामनाम महाराज’ सहित हजारों श्रद्धालु शामिल रहे।