स्कूल के पीछे न-शे का अड्डा! मैदान में बिखरे मिले GO-GA रैपर, युवा पीढ़ी पर मंडरा रहा जानलेवा खतरा
एमपी के दमोह शहर से एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ स्कूल प्रबंधन बल्कि पूरे शहर के जिम्मेदार तंत्र को हिलाकर रख दिया है। शहर में लंबे समय से नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता युवाओं को नशे की गर्त में धकेल रही है। समय-समय पर चलाए गए अभियानों के बावजूद थोड़ी सी लापरवाही, युवा पीढ़ी के भविष्य को गंभीर खतरे में डालती जा रही है। अब एक बार फिर इसका सबूत मिला है—और वो भी सीधे एक स्कूल के पीछे।
दमोह के एक विद्यालय के प्राचार्य ने पुलिस विभाग को औपचारिक पत्र लिखते हुए बताया कि छात्र और आसपास के युवक स्कूल के पीछे नशा करते देखे जा रहे हैं। लगातार बढ़ती इस समस्या को देखते हुए उन्होंने तुरंत कार्रवाई की मांग की। जब संवाददाता ने स्कूल के आसपास स्थित खेल मैदान और गली का निरीक्षण किया, तो वहां का दृश्य बेहद चौंकाने वाला था। मैदान में बड़ी संख्या में ‘Goga’ नामक सूखे नशे के रैपर, शराब की बोतलों के अवशेष और नशीले पदार्थों की अन्य सामग्री बिखरी मिली। यह साफ संकेत है कि विद्यालय के पीछे नशे का यह खेल लंबे समय से चल रहा है और युवा पीढ़ी खतरनाक नशे की गिरफ्त में है।
सूखे नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाला Goga, शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाता है और लगातार सेवन करने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऐसे में स्कूल परिसर के पास इन सामग्रियों का मिलना बेहद गंभीर विषय है। मामले पर एएसपी सुजीत भदौरिया ने कहा—“मीडिया द्वारा मिली जानकारी के बाद सीएसपी और टीआई को मौके का निरीक्षण करने के लिए निर्देशित किया गया है। स्कूल के पीछे मिले नशे से संबंधित सभी सामान की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि शहर में किन दुकानों पर ऐसे पदार्थ बेचे जा रहे हैं। दमोह में विद्यालय के पीछे नशे का यह खुला खेल न केवल प्रशासन के लिए चेतावनी है, बल्कि समाज के लिए भी चिंता का विषय है। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इसका खामियाजा भविष्य की पीढ़ी को भुगतना पड़ सकता है।