रंगे हाथ पकड़े जाने पर सागर लोकायुक्त टीम को धक्का देकर भागा रिश्वतखोर कांस्टेबल, टीकमगढ़ में सनसनी
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने पहुंची सागर लोकायुक्त टीम की कार्रवाई उस समय फिल्मी मोड़ ले गई, जब आरोपी कांस्टेबल पंकज यादव टीम को धक्का देकर मौके से फरार हो गया। घटना गुरुवार देर रात कलेक्टोरेट के पास की है, जहां लोकायुक्त की छह सदस्यीय टीम ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया था। कांस्टेबल पंकज यादव पर एक युवक से जमानत दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप था। आरोपी कॉन्स्टेबल अपनी कार (MP 04 CZ 7719) और जैकेट मौके पर ही छोड़ गया, लेकिन 12 हजार रुपये की रिश्वत अपने साथ ले भागा। टीम उसकी गिरफ्तारी के बेहद करीब थी, लेकिन अचानक धक्का देकर वह अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकला। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कांस्टेबल यादव मौके से भागते हुए दिखाई दे रहा है।
लोकायुक्त टीआई कमल सिंह उइके के अनुसार, पीड़ित अंकित तिवारी के खिलाफ कोतवाली में एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज था। इसी मामले में राहत दिलाने और जमानत करवाने के एवज में कांस्टेबल पंकज यादव ने 20 हजार रुपये की मांग की थी। आवेदक पहले ही उसे 8 हजार दे चुका था, जबकि बाकी 12 हजार रुपये गुरुवार रात देने थे। टीम ने उसी समय उसे पकड़ने की योजना बनाई थी। जैसे ही आवेदक ने पैसे सौंपे, लोकायुक्त की टीम ने पंकज यादव को घेर लिया। लेकिन इससे पहले कि उसे गिरफ्तार किया जा सके, वह अचानक फुर्ती दिखाते हुए टीम को धक्का मारकर फरार हो गया।
बाद में लोकायुक्त टीम ने उसकी कार जब्त कर उसे देहात थाना पहुंचाया। फरार कांस्टेबल की तलाश जारी है, और लोकायुक्त टीम ने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। यह घटना न केवल पुलिस विभाग की छवि पर सवाल खड़े करती है, बल्कि रिश्वतखोरी के खिलाफ चल रही कार्यवाही की चुनौतियों को भी उजागर करती है।