सागर का नन्हा ग्रैंडमास्टर, 3 साल के सर्वज्ञ ने 30 साल के फिडे प्लेयर को हराया, रचा इतिहास
कहते हैं—“पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं”, और यह कहावत सागर के नन्हे शतरंज मास्टर सर्वज्ञ सिंह कुशवाहा पर बिल्कुल सटीक बैठती है। महज 3 साल 7 महीने 20 दिन की उम्र में सर्वज्ञ ने वह कर दिखाया है, जिसे बड़े-बड़े खिलाड़ी केवल सपना मानते हैं। सागर के इस नन्हे जीनियस ने 30 वर्षीय फिडे रेटेड खिलाड़ी को मात देकर नया इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही सर्वज्ञ सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय रेटेड शतरंज खिलाड़ी बन गए हैं।
सर्वज्ञ ने पहली ही रेटिंग में 1572 फिडे अंक हासिल किए हैं—जो इस उम्र में एक चमत्कारिक उपलब्धि माना जा रहा है।
सर्वज्ञ की शतरंज यात्रा सागर डिस्ट्रिक्ट चेस एसोसिएशन से शुरू हुई। महज ढाई साल की उम्र में ही उनकी ऑनलाइन रेटिंग दर्ज होने लगी थी। वे स्वदेश चेस अकादमी द्वारा ओलंपियाड स्पोर्ट्स एरीना में नियमित अभ्यास करते हैं। विश्व अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस पर आयोजित प्रतियोगिता में भी सर्वज्ञ के प्रदर्शन ने सभी को दंग कर दिया था।
शतरंज प्रशिक्षक नितिन चौरसिया बताते हैं कि सर्वज्ञ की सफलता का आधार उसकी नियमित प्रैक्टिस और अनुशासित दिनचर्या है। वहीं कोच आकाश प्यासी ने उसे उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण देकर उसकी समझ और गहरी बनाई। दोनों प्रशिक्षकों का कहना है कि सर्वज्ञ उम्र से कहीं आगे की परिपक्वता दिखाता है।
सर्वज्ञ के पिता सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा और माता नेहा सिंह कुशवाहा बताते हैं कि उन्होंने बच्चे की प्रतिभा पहचानते ही उसके लिए एक अनुकूल माहौल तैयार किया। पिता सिद्धार्थ कहते हैं—“हमने उसे सिर्फ सीखने का अवसर दिया, बाक़ी सब उसने खुद किया।”
परिवार के सहयोग और सर्वज्ञ की मेहनत ने मिलकर इस नन्हे चेस चैंपियन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
सर्वज्ञ अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर अपने देश का मान बढ़ाना चाहता है। सागर का यह छोटा खिलाड़ी आज पूरे प्रदेश का गर्व बन चुका है—और अब सबकी निगाहें उसकी अगली चाल पर टिकी हैं।