सागर- SIR सर्वे में गड़बड़ियों पर भड़के लोग, राहतगढ़ में पार्षद ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
सागर जिले के राहतगढ़ में SIR सर्वे में आ रही लगातार गड़बड़ियों और अव्यवस्थाओं के खिलाफ आज वार्ड क्रमांक 15 की पार्षद सीता नंदकिशोर भारती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राहतगढ़ नगर के नागरिकों की समस्याओं को विस्तार से बताते हुए सर्वे प्रक्रिया में तत्काल सुधार की मांग की गई। पार्षद सीता भारती ने बताया कि वर्ष 2003 के बाद नगर में बड़ी संख्या में ऐसे लोग बस गए, जो आसपास के इलाकों या अन्य प्रदेशों से आकर राहतगढ़ में रहने लगे हैं। इन लोगों के नाम गांव के पुराने रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण SIR सर्वे में उनका डेटा अपडेट नहीं हो पा रहा है। इससे बड़ी संख्या में परिवार पहचान और दस्तावेज संबंधी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2003 से पहले कई मतदाता अशिक्षित होने के कारण अपने मताधिकार का उपयोग कम करते थे। कई लोगों के पास पहचान पत्र तक नहीं बने थे, जिसके कारण मतदाता सूची में उनका नाम खोज पाना मुश्किल हो रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की है कि 2003 के पुराने दस्तावेज—जैसे राशन कार्ड, मकान-जमीन के कागजात, पट्टे आदि—का प्रमाणिकरण पोर्टल पर दर्ज कराया जाए, ताकि लोग अपनी पहचान सिद्ध कर SIR सर्वे में अपना नाम शामिल करा सकें। इसके साथ ही ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि अन्य प्रदेशों से विवाह कर राहतगढ़ आई बहुओं के रिकॉर्ड सहजता से उपलब्ध नहीं हो रहे।
भाषा और दस्तावेजों की भिन्नता के कारण उनकी पहचान की प्रक्रिया और अधिक कठिन हो जाती है। पार्षद ने मांग की कि ऐसी बहुओं के दस्तावेज सत्यापन के लिए अलग से एक विशेष टीम बनाई जाए, ताकि उन्हें SIR सर्वे में सही तरीके से शामिल किया जा सके। प्रतिनिधिमंडल ने चार प्रमुख मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा और सर्वे प्रक्रिया में व्यापक सुधार की अपेक्षा जताई। नायब तहसीलदार ने ज्ञापन प्राप्त कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।