अधिकारियों का डांस वीडियो लीक, 69वीं राष्ट्रीय शालेय फुटबॉल प्रतियोगिता का धूमधाम से आगाज़
जब सांस्कृतिक प्रस्तुति के दौरान बजते पंजाबी बीट्स पर मंच पर मौजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि झूमने लगे। एमपी के उमरिया में 69वीं राष्ट्रीय शालेय फुटबॉल प्रतियोगिता (बालक वर्ग 14 वर्ष) का शुभारंभ शनिवार को अमर शहीद स्टेडियम में ऐतिहासिक अंदाज़ में किया गया। पहली बार इस स्तर की प्रतियोगिता की मेजबानी मिलने पर उमरिया जिला और पूरे शहडोल संभाग में उत्साह का अलग ही माहौल देखने को मिला। स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा था और उद्घाटन के साथ ही शहर मानो खेल महाकुंभ में तब्दील हो गया।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान, भव्य परेड, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और खिलाड़ियों की ऊर्जावान मार्चपास्ट से हुई। चारों ओर तिरंगे के रंग, तालियों की गड़गड़ाहट और खेल भावना का जोश साफ दिखाई दे रहा था। शुभारंभ समारोह का सबसे चर्चित और वायरल पल वह रहा, संभागायुक्त सुरभि गुप्ता, कलेक्टर धरनेंद्र जैन, जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ओहरिया, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेनगुप्ता, भाजपा नेता आशुतोष अग्रवाल, दीपू छतवानी सहित कई अधिकारी उत्साह में थिरक उठे। यह अनोखा दृश्य कुछ ही मिनटों में दर्शकों के मोबाइल कैमरों में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल होने लगा। यह पल पूरे कार्यक्रम की खास हाइलाइट बन गया।
कलेक्टर धरनेंद्र जैन ने बताया कि इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 33 राज्यों की 7697 खिलाड़ी टीमें हिस्सा ले रही हैं। खिलाड़ियों के भोजन, आवास, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रतियोगिता संचालन के लिए 60 स्थानीय और 40 बाहरी अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। देशभर की प्रमुख टीमों—अंडमान-निकोबार, पंजाब, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर आदि ने प्रतियोगिता में भाग लिया। पहले दिन गुजरात बनाम सीबीएसई, डब्ल्यूएसओ बनाम आईपीएससी और बिहार के बीच मुकाबले खेले गए, जिनमें खिलाड़ियों ने बेहतरीन फुटवर्क और खेल-भावना का परिचय दिया।
प्रतियोगिता जिले के छह मैदानों—अमर शहीद स्टेडियम, कृष्णताल मैदान, रेलवे ग्राउंड, नगर पालिका स्टेडियम चौदहिया, पीटीएस ग्राउंड और भरौला खेल परिसर में खेली जा रही है। जिले के इतिहास में यह पहला अवसर है जब एक साथ इतने मैदानों पर राष्ट्रीय स्तरीय आयोजन हो रहा है। 01 से 06 दिसंबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता को उमरिया की खेल संस्कृति के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है। अंतिम दिन विजेता टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा।