ई-टोकन व्यवस्था में बड़े छेद ! किसान सुबह 4 बजे से लाइन में, फिर भी नहीं मिल रहा खाद
खाद वितरण के लिए लागू की गई नई ई-टोकन प्रणाली किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से टोकन मिलने में दिक्कतों ने हालात ऐसे बना दिए हैं कि किसान सुबह 4 बजे से खाद केंद्रों के बाहर लंबी लाइनें लगाने को मजबूर हैं। घंटों इंतजार के बाद भी कई किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है,
जिससे बोनी पर सीधा असर पड़ने लगा है। एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले के पथरिया तहसील क्षेत्र के किसानों ने बताया कि वे लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ई-टोकन वेबसाइट बार-बार फेल हो जाती है। कई बार घंटों कोशिश करने के बाद भी कोई स्लॉट उपलब्ध नहीं दिखता। दूसरी ओर, ऑफलाइन टोकन भी केंद्र संचालकों के पास नहीं हैं। ऐसे में किसानों के सामने खेती का सीजन निकल जाने का डर पैदा हो गया है।
खाद केंद्रों के बाहर सुबह से ही किसानों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई किसानों ने बताया कि वे 4 बजे से लाइन में लगे रहते हैं, लेकिन जैसे ही केंद्र खुलता है, स्टॉक खत्म होने की घोषणा कर दी जाती है। कुछ किसानों को तो दो-दो दिन से लगातार खाद केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसानों ने इस समस्या को लेकर पथरिया तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा है। उनका कहना है कि ई-टोकन व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए। समय पर टोकन उपलब्ध कराए जाएं और खाद का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसान तनाव से बाहर आ सकें।
स्थानीय किसानों का कहना है कि बोनी का मौसम शुरू हो गया है और अगर इसी तरह देरी होती रही, तो फसल उत्पादन पर भारी असर पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खाद वितरण की व्यवस्था को प्राथमिकता पर दुरुस्त किया जाए और ई-टोकन को सरल व पारदर्शी बनाया जाए। किसानों की बढ़ती परेशानी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। देखना होगा कि खाद वितरण की अव्यवस्था को सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।