Sagar -बालाजी मंदिर के पास गौशाला में दिखा गोवा मॉनिटर लिज़र्ड, बबलू पवार की टीम ने सुरक्षित जंगल छोड़ा
सागर शहर में एक अनोखा वन्यजीव रेस्क्यू चर्चा का विषय बन गया। बालाजी मंदिर के सामने स्थित संतोष रोहिणी लंबरदार की गौशाला में अचानक एक बड़ा मॉनिटर लिज़र्ड गोवा दिखाई देने से आसपास के लोगों में हलचल मच गई। लोग पहले तो डर के मारे गौशाला से दूर हो गए, फिर तुरंत वन्यजीव संरक्षण कार्यकर्ता बबलू पवार और उनकी टाइगर रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही बबलू पवार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मॉनिटर लिज़र्ड को सुरक्षित निकालने के लिए टीम ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर लिया, ताकि भगदड़ या जानवर पर दबाव न बने। करीब 20 मिनट की सावधानीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टीम ने बिना किसी नुकसान के मॉनिटर गोवा को पकड़ लिया।
बबलू पवार ने बताया कि मॉनिटर लिज़र्ड पूरी तरह से हानिकारक होती है और इंसानों पर हमला नहीं करती, लेकिन डर के माहौल में लोग अक्सर इसे नुकसान पहुंचा देते हैं। उन्होंने कहा— “हमारी टीम का पहला उद्देश्य हमेशा यही रहता है कि जानवर भी सुरक्षित रहे और लोग भी। यह वन्यजीव हमारे इकोसिस्टम का बेहद जरूरी हिस्सा हैं।” रेस्क्यू के बाद टीम ने मॉनिटर लिज़र्ड को वन विभाग की अनुमति के साथ सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया, जहाँ वह प्राकृतिक वातावरण में सुरक्षित रह सके।
स्थानीय लोग बबलू पवार और उनकी टीम की इस त्वरित और जिम्मेदार कार्रवाई की सराहना करते नजर आए। गौशाला संचालक संतोष रोहिणी लंबरदार ने भी कहा कि यदि टीम समय पर न आती, तो किसी अनजान व्यक्ति द्वारा जानवर को नुकसान पहुँच सकता था। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनिटर लिज़र्ड अक्सर भोजन की तलाश में सूखे इलाकों, खेतों और कभी-कभी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाती है। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय प्रशिक्षित टीम या वन विभाग को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। सागर में बबलू पवार और उनकी टीम लगातार ऐसे रेस्क्यू कर शहरवासियों और वन्यजीवों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।