अतिक्रमण हटाने पर बवाल ! धौंसवास में 3 घंटे हाईवे जाम, प्रशासन बनाम ग्रामीण आमने-सामने
एमपी के रतलाम जिले के धौंसवास गांव में गुरुवार सुबह प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई ने इतना तूल पकड़ा कि ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे को तीन घंटे से ज्यादा समय तक जाम कर दिया। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। जानकारी के अनुसार, गांव की शासकीय नाले की जमीन पर बन रही एक धर्मशाला को लेकर प्रशासन ने दो बार नोटिस जारी किए थे। राजस्व और पंचायत विभाग ने स्पष्ट कर दिया था कि निर्माण पूरी तरह अवैध है और सरकारी नाले को ब्लॉक कर रहा है। इसके बावजूद निर्माण नहीं रोका गया।
गुरुवार सुबह जिला प्रशासन और पुलिस की टीम बड़ी संख्या में बल के साथ मौके पर पहुंची और जेसीबी लगाकर निर्माणाधीन दीवार को तोड़ना शुरू किया। इसी दौरान सूचना फैलते ही मालवीय समाज के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। गुस्साए ग्रामीण गांव के बाहर मऊ-नीमच नेशनल हाईवे पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया। देखते ही देखते हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार ग्रामीणों से चर्चा करते रहे।
समाजजनों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना अचानक तोड़फोड़ की। उनका कहना है कि धर्मशाला समाज के सहयोग से बनाई जा रही थी, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात सुने बिना दीवार गिरा दी, जिससे लोगों में भारी नाराज़गी फैल गई। वहीं प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि निर्माण शासकीय नाले पर हो रहा था, जो अवैध है। वैधानिक प्रक्रिया के तहत ही कार्रवाई की गई है। मौके पर एसडीएम हासी हरित, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, एसडीओपी किशोर पाटनवाला, नामली टीआई गायत्री सोनी, बिलपांक टीआई अयूब खान समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारी लगातार जाम खुलवाने और स्थिति सामान्य करने की कोशिश में जुटे रहे।