1240 कैमरों से होगी पेपरलेस मॉनिटरिंग, पन्ना में शुरू हुई हाई-टेक बाघ गणना! |SAGAR TV NEWS|
टाइगर रिज़र्व में अखिल भारतीय बाघ गणना – 2026 की तैयारियाँ तेजी से चल रही हैं। इस बार वन विभाग ने एक बड़ा तकनीकी बदलाव किया है—पूरी गणना प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस बनाया गया है। बाघों की संख्या पता लगाने के साथ-साथ तेंदुआ, भालू, सियार, लोमड़ी और जंगली हाथी जैसे सभी मांसाहारी वन्यजीवों की भी डिजिटल गणना की जाएगी। यह विशाल सर्वे करीब चार महीने तक जारी रहेगा। एमपी के सागर संभाग के पन्ना टाइगर रिज़र्व के 1598.102 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को वन विभाग ने 620 अलग-अलग ग्रिड में बांटा है। हर ग्रिड में दो-दो हाई-टेक कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। इस तरह जंगल के भीतर कुल 1240 से अधिक कैमरे इंस्टॉल किए जा चुके हैं। ये कैमरे 24 घंटे सक्रिय रहकर वन्यजीवों की मूवमेंट, उनकी आदतों और गतिविधियों की साफ तस्वीरें रिकॉर्ड करेंगे।
वन विभाग की टीम का कहना है कि फुटेज का विश्लेषण करके हर बाघ की विशिष्ट धारी पैटर्न से पहचान की जाएगी। इससे बाघों की सटीक गिनती और उनकी मौजूदगी का स्पष्ट डेटा मिल सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस बार सभी रिकॉर्ड और फोटो सबूत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भेजे जाएंगे। इससे डेटा न सिर्फ सटीक रहेगा, बल्कि उसका संग्रहण और विश्लेषण भी तेज गति से हो सकेगा। पेपरलेस सिस्टम की वजह से जंगल में काम करने वाली टीमों को भी आसानी होगी, क्योंकि अब उन्हें भारी-भरकम फॉर्म या कागज़ रखने की जरूरत नहीं होगी।
चार महीने चलने वाला यह अभियान पन्ना रिज़र्व की जैव विविधता और बाघों की मौजूदा स्थिति की सबसे व्यापक रिपोर्ट पेश करेगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि तकनीक से लैस यह गणना भविष्य में वन संरक्षण को और मजबूत आधार देगी।