सागर-श्री गुलाब बाबा के जयकारों से महका सागर शहर, वार्षिक उत्सव की शोभायात्रा में उमड़ा भक्तों का सैलाब
सागर-श्री गुलाब बाबा के जयकारों से महका सागर शहर, वार्षिक उत्सव की शोभायात्रा में उमड़ा भक्तों का सैलाब
सागर शहर बुधवार को पूर्णतः गुलाबमय और भक्तिमय माहौल में डूब गया, जब श्री गुलाब बाबा मंदिर के 18वें वार्षिक उत्सव के अंतर्गत निकली चरण पादुका पालकी रथयात्रा ने पूरे नगर में उत्साह और भक्ति की अनोखी छटा बिखेर दी। सुबह 11:32 बजे मंदिर से प्रारंभ हुई यह शोभायात्रा मोतीनगर चौराहा, भगवानगंज, कटरा और सराफा बाजार से होती हुई शाम को पुनः मंदिर परिसर लौटी।
फूलों की वर्षा और भजनों से गूंजे मार्ग
सागर के साथ-साथ बुंदेलखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से आए हजारों भक्तों ने “गोपाला जय गोपाला”, “श्री गुलाब बाबा गोपाला” के जयकारों व भक्ति-धुनों के साथ वातावरण को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया। सिटी कोतवाली से सराफा तिगड्डा होते हुए गोलाकुआं तक का पूरा मार्ग फूलों की बौछार, भक्तिमय झूम, तथा रथयात्रा के स्वागत से एक जीवंत वृंदावन जैसा दिखाई दिया।
पालकी रथ की अद्भुत सजावट, भक्तों का अनोखा समर्पण
मुंबई से बुलाए गए फूलों से बड़ी कलात्मक शैली में सजे चरण पादुका रथ को भक्त आगे बढ़ाते रहे। रथ के आगे कई श्रद्धालु हाथों में झाड़ू लिए मार्ग की सफाई करते चलते रहे, जो श्रद्धा और सेवा भाव का अद्भुत उदाहरण रहा। ढोल-नगाड़ों और बैण्ड की धुनों पर महिलाएं और पुरुष लगातार नृत्य करते हुए यात्रा के साथ चलते रहे। मातृशक्ति द्वारा प्रस्तुत मराठी लेझम और लाठी प्रदर्शन भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा।
विशेष आकर्षण रहे—
श्री महाकाल डमरू दल
महाकाल की भव्य झांकी
राधाकृष्ण की चलित नृत्यमयी झांकी रथ में स्थापित श्री गुलाब बाबा के फोटो स्वरूप के दर्शन भक्तों को भाव-विभोर करते रहे।
सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से गूंजा वातावरण
गौरमूर्ति स्थल पर यात्रा मंडल ने एक साथ खड़े होकर सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। आयोजन प्रबंधकों ने गौरमूर्ति के पास यातायात व्यवस्था को श्रेष्ठ रूप से संभाला ताकि यातायात में किसी को असुविधा न हो।
मंदिर प्रबंधन के अध्यक्ष डॉ. भरत आनंद बाखले और सचिव श्याम सोनी के अनुसार भक्तों ने यात्रा मार्ग में फेंकी गई सामग्री को स्वयं इकट्ठा कर स्वच्छता का संदेश दिया। करीब 2 किलोमीटर लंबी इस यात्रा की व्यवस्था स्वयंसेवकों और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से संभाली।
शाम को मंदिर में भव्य स्वागत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
शाम को मंदिर में प्रवेश के समय ज्योति जिमी अल्मेडा और शीबू (शिवानी) सोनी ने सनातनी विधि से चरण पादुका की आरती उतारी और उन्हें पुनः गुलाब पीठ पर स्थापित किया।
रात्रि में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में
आदर्श संगीत महाविद्यालय के कलाकारों
शिक्षकों
और विद्यार्थियों ने शास्त्रीय गायन एवं नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुतियाँ दीं। साथ ही मंदिर परिसर स्थित श्री गुलाब अन्नपूर्णा भवन में आयोजित भंडारे में हजारों भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की।
5 दिसंबर को होगा महाप्रसादी और बुंदेली लोकरंग उत्सव
मंदिर व्यवस्थापन समिति के किरण पारासरे (मामाजी), डॉ. हरीशंकर साहू, डालचंद पटेल (लम्बरदार), प्रमेन्द्र (गोलू) रिछारिया, डॉ. पंकज तिवारी, प्रवीण जग्गी, सुधीर पलया, नीतेश शर्मा, लकी सराफ, तथा दमोह स्थित श्री गुलाब बाबा मंदिर (बांसा तारखेड़ा) के अध्यक्ष महेन्द्र सोनी ने बताया:
5 दिसंबर को सुबह 11:32 से रात 8:32 बजे तक महाप्रसादी (भंडारा) आयोजित किया जाएगा।
दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक बुंदेली गायकों एवं मंडलियों द्वारा “बुंदेली लोकरंग उत्सव” के तहत प्रस्तुति होगी।
इसके बाद श्री राधे-राधे संकीर्तन मंडल और लोकगायक विजय ठाकुर पडरिया की विशेष प्रस्तुति होगी।
रात्रि में श्री गुलाब बाबा चरण पादुका पालकी को गुलाब पीठ से मंदिर में लाकर आरती के साथ वार्षिक उत्सव का समापन किया जाएगा।