सागर में ब्राजील से दुर्लभ पत्थर मंगवाकर बनवाई विश्व अनोखी प्रतिमा, इसके आगे सोना चांदी भी फीका !
यूं तो पत्थरों की अपनी एक निराली दुनिया है जिसमें तरह-तरह के बेस कीमती पत्थर होते हैं लेकिन स्फटिक पत्थर को दुनिया का सबसे दुर्लभ पत्थर माना गया है. क्योंकि यह शीशे की तरह पारदर्शी रंगहीन और निर्मल होता है, इस तरह का दुर्लभ पत्थर 2 फीट में मिलना भी बड़ा मुश्किल होता है लेकिन सागर की जैन समाज ने विदेश से स्फटिक पत्थर को मंगवाकर 51 इंच की भगवान सुब्रत नाथ की प्रतिमा निर्मित करवाई है और इस प्रतिमा को बनाने में करीब 2 महीने का समय लगा है.
लेकिन अब जयपुर में प्रतिमा का निर्माण होने के बाद मंगलगिरी जयंती क्षेत्र में इसकी प्राण प्रतिष्ठा करवाई जा रही है प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह विश्व की इकलौती ऐसी प्रतिमा होगी जो स्फटिक पत्थर से निर्मित 51 इंच की है और इसके लिए कमेटी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अप्लाई करने की तैयारी कर रही है,
मंगल गिरी जैन तीर्थ कमेटी के अध्यक्ष जयकुमार जैन और सदस्य प्रमोद जैन बारदाना ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि वह राजस्थान के कारीगरों से पिछले 10 साल से संपर्क में थे और सभी को कह रहा था कि दुनिया में कहीं पर भी इस तरह की बड़ा पत्थर मिले तो उन्हें जरूर बताएं इसके बाद ब्राजील में पत्थर होने की जानकारी मिली मुनि आदित्य सागर की प्रेरणा से इसको देखा तो यह निर्मल बिना दाग धब्बों वाला पत्थर था लैब में जांच करवाई गई जब यह सही पाया गया तो इसे ब्राजील से जयपुर मंगवाया गया और फिर यहां सुमेर जी की फैक्ट्री में उनकी टीम ने मिलकर इसको तैयार किया अब पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव के माध्यम से इसकी प्रतिष्ठा की जा रही है.
इस बड़ी प्रतिमा के साथ छोटी-छोटी 1008 स्फटिक पत्थर की जैन प्रतिमाएं भी है जिनको सहस्त्र कूट जिनालय में विराजमान किया जा रहा है यह भी विश्व का ऐसा स्तंभ होगा जिसमें स्फटिक पत्थर की इतनी सारी प्रतिमाएं होगी