रात में जंगल का ‘ऑपरेशन शिकारी’! राहतगढ़ में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, राइफल और दो वाहन जब्त
सागर जिले के राहतगढ़ क्षेत्र में बीती रात वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लंबे समय से क्षेत्र में अवैध शिकार की शिकायतें सामने आ रही थीं, और इसी कड़ी में विभाग ने एक सटीक इनपुट पर त्वरित एक्शन लेते हुए तीन शिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इनके पास से मादा हिरण का मांस, हथियार, कारतूस और दो वाहन बरामद किए गए हैं। घटना राहतगढ़ वन परिक्षेत्र के बेरखेड़ी बीट के टेहरा–टेहरी जंगलों की है। देर रात वन परिक्षेत्र अधिकारी मनीष सिंह ठाकुर को मुखबिर से सूचना मिली कि दो चार पहिया वाहनों में कुछ लोग जंगल में किसी बड़ी वारदात की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही विभाग ने बिना समय गंवाए एक स्पेशल टीम तैयार की और मौके की ओर रवाना हो गई।
जंगल के अंदर घेराबंदी की गई, और जैसे ही संदिग्ध वाहन नजर आए, टीम ने उन्हें रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान जो सामग्री मिली, उसने पूरे विभाग को चौंका दिया। शिकारियों के पास से मादा हिरण का मांस, एक 22 बोर की राइफल, 15 जिंदा कारतूस, 3 खाली कारतूस और दो सागौन की सिल्ली बरामद हुईं। यही नहीं, वारदात में उपयोग की जा रही दो चारपहिया गाड़ियां भी मौके से जब्त कर ली गईं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बसीम खान (निवासी मंडी बामौरा के पास सीहोरा),
ओमकार आदिवासी (निवासी टेहरा–टेहरी) और राजू आदिवासी (निवासी सेमरा मेडha) के रूप में हुई है। तीनों से पूछताछ जारी है और वन विभाग इनके नेटवर्क तथा पूर्व शिकार की घटनाओं के बारे में भी पता लगाने में जुट गया है। वन विभाग अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है, वहीं जब्त किए गए वाहनों को राजसात करने की कार्रवाई भी प्रस्तावित है।