Sagar-मजदूर की बेटी ने चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर रचा इतिहास, पिता के पास किराए के पैसे नहीं थे
सागर की नौवीं कक्षा की बेटी ने मलखंब नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है इसके बाद उसके पूरे परिवार का सर गर्व से ऊंचा हो गया, खास बात यह है की लड़की के पिता मजदूरी करते हैं, घर में आठ भाई बहन सहित 10 लोगों का परिवार है यहां तक की इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जाने उनके पास किराए के पैसे भी नहीं थे स्कूल ने हाथ खड़े कर दिए तब कोच सहारा बने उन्होंने पिता को किराए के पैसे देकर रवाना किया था,
लेकिन मलखंब प्रतियोगिता में दिखाई हैरत अंगेज करतब को देख हर कोई देखता ही रह गया 24.30 अंक के साथ उसने देश भर से आए सभी खिलाड़ियों में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिन लोगों ने सहायता करने से मना कर दिया था आज वही माला लेकर उसके स्वागत में खड़े नजर आते हैं और अब अपने स्कूल की होनहार स्टूडेंट कहते हुए नहीं थक रहे हैं.
सागर जिले से 70 किलोमीटर दूर स्थित शाहगढ़ की बेटी रुचि पाल ने कठिन परिस्थितियों से गुजरते हुए अपने संघर्ष और परिश्रम की बदौलत यह मुकाम हासिल किया है क्योंकि वह जिस परिवार से बिलॉन्ग करती है उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है
दुर्गा शक्ति व्यायाम शाला के मोहित भल्ला बताते हैं कि वह अपनी स्कूल में केवल बेटियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देते हैं जिसमें उन्हें लाठी चलाना तलवार चलाना भला चलाना मलखंब सीखना आदि चीजों में पारंगत कर रहे हैं इस समय हमारे स्कूल में 65 बेटियां हैं और हम चाहते हैं कि सभी नेशनल और इंटरनेशनल खेल कर नाम रोशन करें.
उज्जैन में 69 भी राष्ट्रीय शालेय मलखंभ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, 24 नवंबर से 28 नवंबर तक विभिन्न प्रतियोगिताएं हुई थी