Sagar- सूख रही फसलें… टूटती उम्मीदें… दिसंबर की ठंड में खाद के लिए घंटों लाइन में खड़े किसान
दिसंबर की ठंड में जब किसान अपनी फसलों की सिंचाई और खाद डालने की तैयारी में होते हैं, उस समय वे सागर कृषि उपज मंडी के डबल लॉक वितरण केंद्रों पर घंटों लाइन में खड़े हैं। सुबह से लेकर शाम तक लाइन में लगने के बाद भी खाद नहीं मिलने से किसान निराश और परेशान होकर लौट रहे हैं।
मंडी में रोज़ाना सैकड़ों किसान उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन कमी के कारण पहले टोकन के लिए जद्दोजहद करते है जैसे तैसे टोकन मिलता तो मात्र दो बोरी खाद ही दी जा रही है। कई किसान कई दिनों से लाइन में हैं, कई को टोकन तक नहीं मिल पा रहा। हालात यह हैं कि पुरुष ही नहीं, महिलाएं और कॉलेज जाने वाली बेटियाँ भी खाद के लिए घंटों खड़ी हैं।
इस बार मक्का का रकबा बढ़ने के कारण रबी सीजन की बुआई पहले ही लेट हो चुकी है। किसान कम दिनों में तैयार होने वाली फसलों की बुआई करना चाहते हैं, जिनके लिए पर्याप्त खाद की जरूरत होती है। जिन किसानों ने बुआई कर दी है उनकी फसल 15–21 दिन की हो चुकी है। विशेषकर गेहूं में पहली सिंचाई के बाद यूरिया डालना जरूरी है, लेकिन खाद नहीं मिली तो उपज पर सीधा असर पड़ेगा।
किसान आधी बुआई DAP के साथ की, आधी बिना उर्वरक। पहली सिंचाई के बाद DAP–यूरिया मिक्स कर डालना पड़ता है। पिछले चार दिन से लाइन में था, आज जाकर टोकन मिला है… खाद कब मिलेगा, कोई भरोसा नहीं।”
वीर सिंह, गिद्वानी ने बताया “खेती तो आजकल खाद पर ही टिक गई है। DAP के लिए दो महीने से परेशान हैं। जब खाद आता है तो 8–10 घंटे लाइन लगानी पड़ती है, फिर भी बोरी मिल जाए इसकी गारंटी नहीं।”