Sagar- अब SAGAR के STUDENTS बनेंगे LIFE SAVER ! एक CPR से बदल सकती है जिंदगी !
सागर में पहली बार ऐसा अनोखा अभियान शुरू हुआ है, जिसने सैकड़ों कॉलेज छात्रों को लाइफ सेवियर बनने की ताकत दी है। आईएमए सागर ब्रांच, स्टेट फोगसी और इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थेसियोलॉजी यानी ISA सागर सिटी ब्रांच ने मिलकर डिग्री कॉलेज में CPR ट्रेनिंग कैंप आयोजित किया। अब दिल का दौरा हो या अचानक सांस रुक जाए—ये छात्र मौके पर ही किसी की जान बचा सकेंगे। बढ़ते हृदय रोग और अचानक कार्डियक अरेस्ट के मामलों को देखते हुए यह पहल बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रशिक्षण शिविर में मुख्य प्रशिक्षक डॉ. अजय सिंह ने मॉडल और डमी उपकरणों की मदद से छात्रों को बताया कि CPR कैसे दिया जाता है, छाती को किस गति और दबाव से पंप किया जाना चाहिए, और कैसे कुछ ही सेकंड में किसी की धड़कन को फिर से शुरू किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि “हर व्यक्ति को यह कौशल आना चाहिए, क्योंकि इमरजेंसी में डॉक्टर का इंतजार जानलेवा साबित हो सकता है।” कार्यक्रम में आईएमए सागर के अध्यक्ष डॉ. तल्हा साद भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि सही समय पर दिया गया CPR जीवन बचाने की संभावना को 70% तक बढ़ा देता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि “डरें नहीं, मदद करना सीखें… क्योंकि जिस पल आप CPR शुरू करते हैं, उसी पल किसी की जिंदगी को नया मौका दे रहे होते हैं।”
स्वास्थ्य विभाग सागर की क्षेत्रीय संचालक डॉ. नीना गिडियन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्कूली और कॉलेज स्तर पर ऐसी ट्रेनिंग युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाती है और पूरे समाज में इमरजेंसी रेस्पॉन्स कल्चर स्थापित करती है। इस प्रशिक्षण में कॉलेज प्रिंसिपल, शिक्षक और कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी सक्रिय भागीदारी दी। यह कैंप आईएमए और ISA की उस बड़ी मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत शहर के सभी स्कूल और कॉलेजों को “लाइफ सेविंग स्किल्स” से जोड़ने की योजना है।