बचपन में पत्ते खाकर गुजारे दिन, अब भारत को बनाया विश्व विजेता, भावुक कर देगी इस ब्लाइंड क्रिकेटर की कहानी
भारत को दिव्यांग महिला T20 वर्ल्ड कप जिताने वाली मध्य प्रदेश की बेटी सुषमा पटेल आज एमपी के सागर संभाग के दमोह पहुँची। नेपाल को 7 विकेट से हराकर भारत को खिताब दिलाने वाली सुषमा का स्वागत कलेक्ट्रेट में बेहद सम्मान के साथ किया गया। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और एसपी ने सुषमा को सम्मानित किया और उनके खेल कौशल व हिम्मत की सराहना की।
दमोह जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर विश्व विजेता टीम तक का सफर… सुषमा पटेल की यह कहानी सिर्फ प्रेरणा नहीं, बल्कि संघर्ष और विश्वास की अनोखी मिसाल है। दृष्टिबाधित होने के बावजूद सुषमा ने कभी हार नहीं मानी। आर्थिक तंगी, संसाधनों की कमी से लेकर समाज की चुनौतियों तक—उन्होंने हर बाधा को अपने जज्बे से मात दी।
सुषमा बताती हैं कि टीम इंडिया में जगह बनाना आसान नहीं था, लेकिन उनके पिता का हौसला और निरंतर प्रोत्साहन ही उनकी असली ताकत बना। वर्ल्ड कप में सुषमा का प्रदर्शन शानदार रहा और भारत को खिताब दिलाने में उनका अहम योगदान माना गया। दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर ने कहा कि “सुषमा न सिर्फ जिले बल्कि पूरे देश का गौरव हैं। प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा।” वहीं सुषमा ने मीडिया से बात करते हुए कहा— “मेरी जीत मेरे पिता की है। वे हमेशा कहते थे– बेटा, रुकना मत। मैंने वही किया।”
उन्होंने आगे कहा कि कई प्रतिभाशाली बच्चे सिर्फ इसलिए पीछे रह जाते हैं क्योंकि उनका मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं होता। इसलिए वे भविष्य में ऐसे बच्चों की मदद करना चाहती हैं जो हुनर रखते हैं लेकिन साधन नहीं। कलेक्ट्रेट में हुए सम्मान समारोह में सुषमा के पिता भी मौजूद रहे। बेटी की सफलता पर वे भावुक दिखे और बोले— “मेरी बच्ची ने कमाल कर दिया… उसे लेकर गाँव के लोग ही नहीं, पूरा देश गर्व कर रहा है।”