Sagar- ठंड में पाले से फसलों को भारी नुकसान का खतरा, बचाव के लिए अपनाएं ये तरीका |SAGAR TV NEWS|
सागर सहित बुंदेलखंड में कड़ाके की सर्दी में लोग ठिठुर रहे है, आने वाले दिनों में अभी तापमान और नीचे जाने का अनुमान लगाया जा रहा है जिससे फसलों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। खासकर फसलों और सब्जियों में पाला लगने की समस्या सामने आती है, लेकिन किसान भाई अगर सावधान रहे तो वे अपनी फसलों को इससे बचा भी सकते है,
सागर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर के एस यादव बताते हैं कि सागर में दिसंबर महीने के अंत में या फरवरी महीने की शुरुआत में सबसे अधिक पाला पड़ने की संभावना होती है. जब पाला पड़ता है तो उसके लिए जो ओस की बूंद होती है.पेड़ों का पानी होता है. तापमान कम होने पर बर्फ के रूप में परिवर्तित हो जाता है. जिससे पौधे की कोशिकाएं फट जाती है जिसकी वजह से फसल को नुकसान होता है. फसल को पाला से बचाने किसान अपने खेतों की जो मेड़ होती है. वहां पर जो चारा है. उसको गिला करके जलाएं इससे धुआं निकलता है.उसे तापमान बढ़ जाता है शाम के समय ऐसा करने से पाला असर ज्यादा नहीं होता है. इसके अलावा थायो यूरिया और सल्फर का भी छिड़काव कर सकते हैं,
इसके अलावा किसान फसल में स्प्रिंकलर से खेत की सिंचाई कर देते हैं तो इससे अंदर का तापमान गर्म हो जाता है . फिर पाला का असर नहीं होता है. इसमें सब्जी और फसलों का बचाव होता है.