Sagar-गोला कुआँ तिराहे पर अवैध निर्माण जमींदोज, शासकीय जमीन पर कब्जे की कोशिश नाकाम, निगम सख्त
नगर निगम प्रशासन ने शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए गोला कुआँ तिराहे पर नाले के किनारे किए जा रहे एक बड़े अतिक्रमण को जमींदोज कर दिया। यह कार्रवाई शनिवार, 13 दिसंबर 2025 को की गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि यह निर्माण बिना भवन भूमि अनुज्ञा के किया जा रहा था और शासकीय जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही थी।
नगर निगम प्रशासन को गोला कुआँ तिराहे के पास मोंगा नाले के किनारे अवैध निर्माण की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त हुई थी। जांच में सामने आया कि संबंधित निर्माण न तो स्वीकृत नक्शे के अनुसार था और न ही इसके लिए किसी प्रकार की भवन अनुमति ली गई थी। निगम द्वारा पहले ही निर्माणकर्ता को नोटिस जारी कर कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस भूमि पर निर्माण किया जा रहा था, वह शासकीय भूमि है। आरोप है कि दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर रजिस्ट्री कराई गई और नामांतरण के दौरान आपत्तियों को नजरअंदाज करने का प्रयास किया गया। मौके पर नाले की ओर पुराने घाट की सीढ़ियां अब भी दिखाई दे रही हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि निर्माण शासकीय घाट और नाले की भूमि तक फैला हुआ था।
नगर निगम के अतिक्रमण दल ने सहायक अतिक्रमण अधिकारी, संबंधित उपयंत्री और अतिक्रमण प्रभारी की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से अवैध निर्माण को तोड़कर स्थल को अतिक्रमण मुक्त किया। निगम प्रशासन का कहना है कि इस तरह के तीन अन्य मामलों की भी जानकारी मिली है, जिनमें दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर रजिस्ट्री कराए जाने की आशंका है, जिनकी जांच जारी है।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना तथ्य और साक्ष्य के निगम या निगमायुक्त का नाम लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक आरोप लगाने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। निगम का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों और कानून के तहत की गई है और शहर की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
इस कार्रवाई के बाद साफ संदेश है—अवैध निर्माण और शासकीय जमीन पर कब्जे को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।