खेत की झोपड़ी बनी मौत का जाल, 4 माह का मासूम जिंदा जला, पूरे गांव में पसरा मातम |SAGAR TV NEWS|
एक दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले बांसातारखेड़ा अंतर्गत ग्राम चिथरयाऊ टोला में खेत पर बनी एक टपरिया मासूम की कब्र बन गई। आग की लपटों में घिरकर मात्र चार माह के बच्चे की जिंदा जलकर जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।
यह दर्दनाक घटना दमोह देहात थाना क्षेत्र के सागर नाका चौकी अंतर्गत ग्राम चिथरयाऊ टोला की है। शनिवार शाम करीब 5 बजे खेत में बनी झोपड़ी में अचानक आग लग गई। झोपड़ी के भीतर चार माह का मासूम निशांत सो रहा था। बच्चे के माता-पिता खेत में कुछ दूरी पर काम कर रहे थे। जब उन्होंने झोपड़ी से उठती आग की लपटें देखीं, तो बदहवास हालत में दौड़ पड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आग इतनी भीषण थी कि मासूम निशांत को बाहर निकालने का मौका तक नहीं मिला और उसकी मौके पर ही जान चली गई।
घटना की सूचना मिलते ही सागर नाका चौकी प्रभारी सहित पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। हालात का जायजा लिया गया और पंचनामा कार्रवाई की गई। शनिवार रात को मासूम का शव जिला अस्पताल के शवगृह में रखा गया। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतक बच्चे के पिता जितेंद्र गौड़ ने बताया कि आग कैसे लगी, इसका उन्हें अंदाजा नहीं है। कुछ ही पलों में उनका संसार उजड़ गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में शोक की लहर है।
प्रशासन ने इस हृदयविदारक घटना को गंभीर चेतावनी बताया है। नायब तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने कहा कि खेतों में बनी झोपड़ियों के आसपास विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। चूल्हा, चिमनी, खुले बिजली तार और ज्वलनशील सामग्री बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
यह हादसा उन सभी परिवारों के लिए सबक है, जो खेतों में अस्थायी झोपड़ियों में रहते हैं। एक छोटी सी लापरवाही कैसे किसी की पूरी दुनिया उजाड़ सकती है, चिथरयाऊ टोला की यह घटना उसकी सबसे दर्दनाक मिसाल बन गई है।