Sagar - बिजली गिरने से 40 मिनट पहले अलर्ट कर देगा यह अमेरिकी सॉफ्टवेयर सागर में किया गया इंस्टॉल
प्राकृतिक आपदाओं से लोगों को बचाने और उन्हें समय से पहले ही सतर्क करने मौसम केंद्र सागर में आईआईटीएम (पुणे) ने लाइटनिंग लोकेशन नेटवर्क (एलएलएन) सिस्टम स्थापित किया है। करीब 52 लाख रुपए कीमत का यह लाइटनिंग सेंसर आकाशीय बिजली गिरने का पता लगाता है और चेतावनी जारी करता है, ताकि लोगों को पहले से सूचित किया जा सके और नुकसान से बचाया जा सके।
मौसम विभाग का दावा है कि यह सेंसर सागर के चारों ओर लगभग 40 किलोमीटर में बिजली गिरने के 30 से 45 मिनट पहले एसएमएस से अलर्ट देगा। यह अलर्ट आमजन को मोबाइल पर भी मिल सकता है, यदि वह दामिनी एप अपने फोन में इंस्टॉल कर लें। सागर के अलावा यह सेंसर प्रदेश के 4 महानगरों सहित दो अन्य शहरों में लगा है। वहीं पूरे देश की बात करें तो इनकी संख्या 117 बताई जा रही है।
मौसम विज्ञानी विवेक छलोत्रे के मुताबिक एलएलएन में 2 सेंसर हैं, जिसमें एक सैटेलाइट की पिक्चर को एकत्रित कर उस स्थान को ट्रैक करता है। डिटेक्टर बिजली की दूरी, दिशा और तीव्रता निर्धारित करने के लिए संकेत का विश्लेषण करता है। दूसरा सेंसर डाटा जीपीएस के माध्यम से सैटेलाइट पर भेज देता है। वहां से यह जानकारी आईएमडी के पास पहुंचती है और वहां से यह दामिनी एप व विभाग की साइड पर अपलोड हो जाती है।
यह प्रणाली मौसम के पूर्वानुमान में बहुत उपयोगी है। खासतौर पर प्री मानसून, मानसून और पोस्ट मानसून में। सेंसर एक विस्तृत आवृत्ति रेंज में बिजली चमकने से निकलने वाले विद्युत चुम्बकीय संकेतों को पकड़ते हैं।