Sagar- नाग-नागिन का मिला जोड़ा, 8 फीट लंबा कोबरा पकड़ा, खुरई में कॉलोनी में छिपा था।
ठंड के मौसम ने जहां इंसानों की दिनचर्या बदल दी है, वहीं अब इसका असर वन्यजीवों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। सागर जिले के खुरई क्षेत्र के पीएम आवास कॉलोनी के पीछे खेतों में पिछले करीब 20 दिनों से रोजाना नाग-नागिन का जोड़ा धूप सेंकते हुए देखा जा रहा था। यह नज़ारा कॉलोनीवासियों के लिए धीरे-धीरे दहशत का कारण बन गया। हालात ऐसे हो गए कि लोगों ने अपने बच्चों को घर से बाहर खेलने तक से रोक दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रोजाना सुबह करीब 10:30 बजे नाग और नागिन अपने बिल से बाहर निकलते, कुछ देर धूप सेंकते और फिर वापस बिल में चले जाते थे। शुरुआत में लोगों ने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन जहरीले सांपों की मौजूदगी से भय लगातार बढ़ता गया। आखिरकार कॉलोनीवासियों ने सागर के प्रसिद्ध स्नैक कैचर अकील बाबा को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही स्नैक कैचर अकील बाबा खुरई पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कुछ ही मिनटों में नागिन को सुरक्षित पकड़ लिया गया, लेकिन नाग को पकड़ना आसान नहीं था। बार-बार कोशिश के बावजूद नाग बिल में छिप जाता था। काफी मशक्कत के बाद नगर पालिका से पानी का टैंकर मंगवाया गया। करीब डेढ़ टैंकर पानी और फिनायल बिल में डालने के बाद आखिरकार नाग बाहर निकल आया। जैसे ही नाग बाहर आया, स्नैक कैचर अकील बाबा और उनके बेटे ने सूझबूझ से उसे काबू में कर लिया।
रेस्क्यू के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। बाद में अकील बाबा ने बताया कि पकड़ा गया नाग करीब 8 फीट लंबा कोबरा था, जबकि नागिन लगभग 5 फीट लंबी थी। दोनों ही अत्यंत जहरीली कोबरा प्रजाति के सांप हैं। उन्होंने बताया कि ठंड के कारण सांप सुरक्षित और गर्म स्थान की तलाश में रिहायशी इलाकों की ओर आ जाते हैं।
स्नैक कैचर ने लोगों से अपील की कि सांप दिखने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित स्नैक कैचर को सूचना दें। दोनों सांपों को सुरक्षित तरीके से जंगल के सुरक्षित क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। इस रेस्क्यू के बाद कॉलोनीवासियों ने राहत की सांस ली है।