Sagar- खुरई में गरमाई सियासत, करणी सेना ने एफआईआर को बताया एकतरफा, 18 जनवरी को बड़ा आंदोलन ऐलान
सागर जिले के खिमलासा थाना क्षेत्र में करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल राजपूत पर दर्ज एफआईआर को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में नगीना सांसद चन्द्रशेखर रावण को लेकर की गई टिप्पणी के बाद जय भीम संगठन के कार्यकर्ताओं की शिकायत पर राहुल राजपूत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसी कार्रवाई को करणी सेना ने एकतरफा बताते हुए विरोध का ऐलान कर दिया है।
इस पूरे मामले को लेकर करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष इंदल सिंह राणा खिमलासा पहुंचे। यहां उन्होंने नगर भ्रमण किया और इसके बाद बड़े बाबा हनुमान मंदिर परिसर में करणी सेना के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बैठक में राहुल राजपूत पर दर्ज एफआईआर को अन्यायपूर्ण बताते हुए पुलिस प्रशासन और सरकार पर सवाल खड़े किए गए।
प्रदेशाध्यक्ष इंदल सिंह राणा ने कहा कि सोशल मीडिया पर विचार व्यक्त करने के नाम पर करणी सेना के पदाधिकारी को निशाना बनाया गया है, जबकि यह कार्रवाई निष्पक्ष नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक पक्ष की शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर ली गई, जबकि दूसरे पक्ष की आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया। करणी सेना ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
बैठक के दौरान करणी सेना ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और राहुल राजपूत पर दर्ज एफआईआर को वापस नहीं लिया गया, तो संगठन सड़क पर उतरकर विरोध करेगा। प्रदेशाध्यक्ष ने घोषणा की कि 18 जनवरी को खिमलासा के दशहरा मैदान में हजारों कार्यकर्ताओं के साथ विशाल विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
इतना ही नहीं, करणी सेना ने पलटवार करते हुए नगीना सांसद चन्द्रशेखर रावण के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। संगठन का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।
फिलहाल इस मामले ने खुरई और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि 18 जनवरी को प्रस्तावित आंदोलन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।