7 संदिग्ध जमाती पकड़े गए, पनागर में एंट्री को लेकर विवाद, पुलिस कर रही दस्तावेजों की जांच
एमपी के जबलपुर जिले के पनागर थाना क्षेत्र में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सात संदिग्ध लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ये लोग बिना स्पष्ट जानकारी के छिपकर पनागर क्षेत्र में प्रवेश कर रहे थे और उनकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं। जानकारी के अनुसार, बजरंग दल के कार्यकर्ता पनागर स्थित शिशु मंदिर के पास गौशाला में कार्य कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने पाठानी मोहल्ला की ओर से आते सात लोगों को देखा, जिनके पास बड़े-बड़े बैग और एक साइकिल थी। जब उनसे आने का उद्देश्य पूछा गया तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस पर कार्यकर्ताओं ने संगठन के पदाधिकारियों को सूचना दी और बाद में पुलिस को बुलाया गया।
तलाशी के दौरान सभी सात लोगों के पास दिल्ली के पते वाले आधार कार्ड मिले। साथ ही उनके बैग से खाने-पीने का सामान और कुछ धार्मिक पुस्तकें भी बरामद की गईं। आरोप है कि ये लोग पीछे के रास्तों से पनागर में दाखिल हुए थे। हालांकि, पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है। विश्व हिंदू परिषद के जिला पदाधिकारियों का कहना है कि इन लोगों की भाषा और गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हो रही थीं। संगठन ने आशंका जताई है कि वे किसी विशेष उद्देश्य से क्षेत्र में आए थे, इसलिए मामले की गहन जांच जरूरी है। वहीं बजरंग दल ने पुलिस से मांग की है कि सभी के दस्तावेजों, यात्रा विवरण और यहां आने के उद्देश्य की बारीकी से जांच की जाए।
पनागर थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार ने बताया कि सभी सात लोगों को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में उन्होंने खुद को जमाती बताया और कहा कि वे दिल्ली से झांसी और सागर होते हुए जबलपुर पहुंचे थे। दो दिन शहर के बाहर एक मस्जिद में रुकने के बाद वे पनागर आए थे और यहां से पन्ना जाने की योजना थी। उनके दस्तावेजों की विधिवत जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी तरह की अफवाह या गलतफहमी को रोका जा सके।