सागर- हार्ट ट्रांसप्लांट से बची ज़िंदगी,परिजनों और कुशवाहा समाज ने मंत्री गोविंद सिंह का जताया आभार
हृदय प्रत्यारोपण जैसी अत्यंत जटिल और दुर्लभ सर्जरी से जीवन की जंग जीतने वाली सागर जिले सुरखी विधानसभा के जैसीनगर विकासखंड की सरस्वती पटैल आज पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस उपलब्धि को लेकर सोमवार को सागर स्थित मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निज निवास मातेश्वरी में भावुक और गौरवपूर्ण माहौल देखने को मिला, जब सरस्वती के परिजन और कुशवाहा समाज के सैकड़ों लोगों ने मंत्री राजपूत का आभार व्यक्त किया। 41 वर्षीय सरस्वती पटैल, पति दयाशंकर पटैल, सुरखी विधानसभा क्षेत्र की निवासी हैं। मध्यप्रदेश में अब तक गिनी-चुनी हार्ट ट्रांसप्लांट सर्जरी हुई हैं, जिनमें सरस्वती का सफल प्रत्यारोपण एक बड़ी चिकित्सा उपलब्धि मानी जा रही है। यह संभव हो पाया खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के सहयोग से, जिन्होंने इलाज की पूरी जिम्मेदारी निभाई।
इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि सरस्वती का स्वस्थ होना हम सभी के लिए अत्यंत खुशी का विषय है। यह सिर्फ दवाओं का नहीं, बल्कि दुआओं और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और एम्स अस्पताल के चिकित्सकों की टीम का भी आभार जताते हुए कहा कि उनकी मेहनत से एक परिवार में फिर से खुशियां लौटी हैं। मंत्री राजपूत ने दोहराया कि उनका संकल्प है—विधानसभा के हर जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना और वे इसे लगातार निभाते रहेंगे। सरस्वती के पति दयाशंकर पटैल भावुक होते हुए बोले कि मंत्री राजपूत ने सिर्फ मेरी पत्नी की जान नहीं बचाई, बल्कि पूरे परिवार को जीवनदान दिया है। इतनी महंगी सर्जरी हमारी आर्थिक स्थिति से बाहर थी, लेकिन मंत्री जी ने हर संभव मदद की। आज मेरी पत्नी स्वस्थ है, यही हमारे लिए सबसे बड़ा वरदान है।
अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री एडवोकेट अर्जुन पटैल ने कहा कि समाज की बेटी की जान बचना पूरे कुशवाहा समाज के लिए गर्व की बात है। मंत्री राजपूत के अथक प्रयासों से यह असंभव कार्य संभव हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की जनहितकारी नीतियों की भी सराहना की। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि, मंडल अध्यक्ष, समाज के वरिष्ठजन और बड़ी संख्या में कुशवाहा समाज के लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन न सिर्फ एक सफल इलाज की खुशी थी, बल्कि मानवता और संवेदनशील नेतृत्व का जीवंत उदाहरण भी बना।