Sagar-चलते ई-रिक्शा में धमाका ! बस स्टैंड के पास बैटरी फटी, टला बड़ा हादसा
सागर जिले के खुरई में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बस स्टैंड के पास नेहरू स्टेडियम के सामने चलते ई-रिक्शा की बैटरी अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय ई-रिक्शा में कोई सवारी मौजूद नहीं थी, केवल चालक ही वाहन चला रहा था। धमाके की आवाज से आसपास हड़कंप मच गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना खुरई के पुराने जनपद चौराहा निवासी ई-रिक्शा चालक राजेंद्र अहिरवार के साथ हुई। राजेंद्र ने बताया कि वह जनपद चौराहा से सवारियां लेकर रेलवे स्टेशन गया था। सवारियां उतारने के बाद वह वापस बाजार की ओर लौट रहा था। जैसे ही वह नेहरू स्टेडियम के सामने पहुंचा, अचानक ई-रिक्शा की बैटरी तेज धमाके के साथ फट गई। बैटरी फटते ही धुआं और चिंगारियां निकलने लगीं, जिससे आसपास मौजूद लोग घबरा गए।
घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। चालक ने तत्काल ई-रिक्शा रोककर खुद को सुरक्षित किया और एजेंसी संचालक को घटना की जानकारी दी। गनीमत रही कि उस वक्त ई-रिक्शा में सवारियां नहीं थीं, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
इस घटना ने एक बार फिर ई-रिक्शा की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं, लेकिन उनके रखरखाव, बैटरी की गुणवत्ता और चार्जिंग व्यवस्था पर पर्याप्त निगरानी नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ई-रिक्शा की बैटरी फटना किसी एक दिन की समस्या नहीं है। अमानक बैटरी का उपयोग, ओवरचार्जिंग, ओवरहीटिंग और क्षमता से अधिक भार इसके प्रमुख कारण हैं। समय-समय पर बैटरी की जांच, मानक चार्जर का उपयोग और तकनीकी प्रशिक्षण बेहद जरूरी है।
अब सवाल यह है कि ऐसे हादसों से बचने के लिए प्रशासन, ई-रिक्शा चालक और एजेंसी संचालक कब तक गंभीर होंगे? अगर समय रहते सख्त नियम और निगरानी नहीं हुई, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं।