सागर- बिजली ने तोड़ा किसानों का सब्र, देवरी में उग्र प्रदर्शन, SDM कार्यालय से बिजली विभाग तक घेराव
बिजली संकट ने अब सागर जिले के देवरी तहसील क्षेत्र के किसानों का धैर्य तोड़ दिया है। सोमवार को बिजली आपूर्ति की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ सात गांवों के सैकड़ों किसान और ग्रामीण उग्र प्रदर्शन पर उतर आए। सुना, कुसमी सुरादेही, सिंगपुर इमझिरा, झिरी, पहला सहित आसपास के गांवों से आए लोगों ने पहले एसडीएम कार्यालय का घेराव किया और फिर बिजली विभाग कार्यालय पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। सुबह से ही ग्रामीण हाथों में तख्तियां लेकर “बिजली दो–किसान बचाओ”, “अंधेरे में खेती नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने नायब तहसीलदार को एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपते हुए बिजली आपूर्ति तत्काल सुधारने की मांग की। किसानों का कहना था कि खेतों में खड़ी फसलें पानी के अभाव में सूख रही हैं, मोटरें घंटों बिजली का इंतजार करती हैं और रात-रात भर जागने के बावजूद पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल पा रही है।
एसडीएम कार्यालय से निकलने के बाद किसानों का आक्रोश और बढ़ गया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सीधे बिजली विभाग कार्यालय पहुंचे और वहां घेराव कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लंबे समय से अघोषित कटौती, लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। इससे न सिर्फ कृषि कार्य ठप हो रहे हैं, बल्कि विद्यार्थियों की पढ़ाई और घरेलू जीवन भी प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने देवरी के सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ बिजली की मांग नहीं, बल्कि उनके जीवन और रोजी-रोटी का सवाल है।
इस आंदोलन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय ब्रजपुरिया, कुसमी पंचायत के उपसरपंच राजेंद्र राजपूत, सिंगपुर के सरपंच कृष्णा विश्वकर्मा, जनपद सदस्य ओमकार कुर्मी, पप्पू पटेल सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, जमीन पर सुधार चाहिए। फिलहाल प्रशासन और बिजली विभाग के लिए यह प्रदर्शन एक बड़ा संकेत है। अब देखना यह होगा कि किसानों की इस चेतावनी के बाद व्यवस्था में कितना और कितनी जल्दी सुधार होता है।