सागर- महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज और DEO ऑफिस सील, मचा प्रशासनिक हड़कंप, कर बकाया पर निगम की सख्ती
नगर निगम सागर ने बकाया करों की वसूली को लेकर अब सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। संपत्ति कर और जलकर की लंबित राशि जमा नहीं करने पर नगर निगम की राजस्व टीम ने शासकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में तालाबंदी की कार्रवाई कर दी। इस अचानक हुई कार्रवाई से दोनों कार्यालयों में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में खलबली देखने को मिली।
नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री के स्पष्ट निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की गई। निगम अधिकारियों के अनुसार, शासकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज पर संपत्ति कर और जलकर की लगभग 9 लाख रुपये की बड़ी बकाया राशि लंबे समय से लंबित थी। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर भी करीब 2 लाख 47 हजार रुपये का संपत्ति कर बकाया था। कई बार नोटिस और पत्राचार के बावजूद जब राशि जमा नहीं की गई, तो निगम को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
सोमवार को नगर निगम की राजस्व टीम निर्धारित समय पर दोनों परिसरों में पहुंची और नियमानुसार तालाबंदी की प्रक्रिया पूरी की। कार्रवाई के दौरान राजस्व अधिकारी बृजेश तिवारी, अतिक्रमण सह प्रभारी कृष्ण कुमार चौरसिया, राजू रैकवार सहित कर संग्रहण अमला मौजूद रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि निगम के राजस्व हितों की रक्षा और नियमों के पालन के लिए उठाया गया है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कर वसूली से मिलने वाली राशि शहर की मूलभूत सुविधाओं—जैसे सड़क, पानी, सफाई और प्रकाश व्यवस्था—के विकास में खर्च की जाती है। यदि शासकीय कार्यालय ही कर जमा नहीं करेंगे, तो आम नागरिकों से समय पर कर भुगतान की अपेक्षा करना मुश्किल हो जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद निगम ने यह भी संकेत दिया है कि बकाया करों को लेकर आगे भी इसी तरह की सख्ती जारी रहेगी, चाहे वह शासकीय संस्था हो या निजी। निगम प्रशासन ने संबंधित विभागों से जल्द से जल्द बकाया राशि जमा कर तालाबंदी खुलवाने की अपील की है। नगर निगम की इस कार्रवाई को लेकर शहर में चर्चा तेज है और इसे कर वसूली अभियान में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है—अब बकाया पर कोई रियायत नहीं।