जंगली सुअर के शिकार में देसी बमों का इस्तेमाल, बाप-बेटा गिरफ्तार
एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले के हटा वन परिक्षेत्र में वन्यजीव अपराध का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। वन विभाग ने जंगली सुअर का शिकार करते हुए बाप-बेटे को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से न सिर्फ जंगली सुअर का मांस, बल्कि दर्जनों देशी हथगोले (देसी बम), हथियार और एक इंडियन सीवेज टाइटल कछुआ भी बरामद किया गया है।
यह खुलासा गुरुवार शाम वन विभाग के अधिकारियों ने किया। वन परिक्षेत्र अधिकारी ऋषि तिवारी और एसडीओ फॉरेस्ट एमडी माणिकपुरी ने बताया कि ग्राम दहा बीट के चड़वा बारी क्षेत्र में बीट प्रभारी हरीश तंतवाय बाघ गणना कार्य में लगे थे। इसी दौरान जंगल में संदिग्ध हलचल दिखाई दी। जब बीट प्रभारी ने आवाज लगाई तो दो लोग भागने लगे। तत्परता दिखाते हुए चौकीदार मोहन और नन्नाई आदिवासी की मदद से दोनों आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम दिलक्शन पिता बड़े भाई पारदी (42 वर्ष) और उसका बेटा भूपेंद्र पिता दिलक्शन (24 वर्ष) निवासी भिलोनी टपरिया, फतेहपुर चौकी, थाना मगरोंन बताया। आरोपियों ने कबूल किया कि वे बिहार से देसी हथगोले लाकर जंगल में अलग-अलग जगह रात के समय बिछा देते थे। जैसे ही जंगली सुअर उन पर पैर रखता, धमाका हो जाता और वे फंदे की मदद से घायल सुअर को पकड़कर उसका मांस बेच देते थे। वन विभाग ने आरोपियों के पास से बल्लम, कुल्हाड़ी, दर्जनों देसी बम, जंगली सुअर का मांस और एक संरक्षित वन्यजीव इंडियन सीवेज टाइटल कछुआ बरामद किया है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 2, 9, 39, 51 और 52 के तहत कार्रवाई की गई है। वहीं हथगोलों की बरामदगी को देखते हुए आर्म्स एक्ट के तहत पुलिस को भी सूचना दे दी गई है। एसडीओ फॉरेस्ट एमडी माणिकपुरी ने बताया कि आरोपियों के नेटवर्क की जांच के लिए उनके इलाके में वन विभाग की सर्चिंग भी की जाएगी। यह कार्रवाई वन्यजीवों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।