युवक की मौत का खुलासा, नशा मुक्ति केंद्र बना मौत का अड्डा ! गैर इरादतन हत्या का केस
एमपी के उज्जैन से इस वक्त की बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है, जहां एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक की संदिग्ध जान जाने का मामला अब गंभीर अपराध में बदल गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मारपीट की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र के संचालक सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है,
जबकि केंद्र का संचालक फरार है। यह पूरा मामला 13 दिसंबर का है। मंगलनाथ रोड स्थित नव मानस नशा मुक्ति केंद्र में शंकरपुर निवासी युवक हरीश को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, कुछ ही समय बाद उन्हें युवक की मौत की सूचना दी गई, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। जान जाने की परिस्थितियां संदिग्ध होने पर परिजनों ने जीवाजीगंज थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पीएम रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरे मामले में बड़ा खुलासा हुआ। रिपोर्ट में साफ तौर पर युवक के साथ मारपीट किए जाने के संकेत मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए नशा मुक्ति केंद्र के संचालक और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की। जांच के आधार पर जीवाजीगंज पुलिस ने गैर इरादतन मर्डर का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नशा मुक्ति केंद्र का संचालक अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
इस पूरे मामले ने नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाज के नाम पर भर्ती मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार और कथित मारपीट अब जांच के घेरे में है। आलोक शर्मा, एएसपी ने बताया कि “पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के साथ मारपीट की पुष्टि हुई है। इसी आधार पर गैर इरादतन मर्डर का मामला दर्ज किया गया है। पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और फरार संचालक की तलाश जारी है।” फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। सवाल यह है कि नशा छुड़ाने का दावा करने वाले केंद्र में आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने एक युवक की जान ले ली। आने वाले दिनों में जांच के बाद और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।