कड़ाके की ठंड, ओस बनी बर्फ, शून्य के करीब पहुंचा तापमान, अमरकंटक में शीतलहर का कहर
मध्यप्रदेश की पवित्र नगरी और प्रमुख पर्यटन स्थल अमरकंटक इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है। ठंड का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। नतीजा यह रहा कि एक पखवाड़े के भीतर तीसरी बार ओस की बूंदें जमकर बर्फ में तब्दील हो गईं, जिससे पूरा अमरकंटक श्वेत चादर में लिपटा नजर आया। बीते कई दिनों से एमपी के अनूपपुर जिले के अमरकंटक में लगातार ठंड बढ़ती जा रही है।
रात के समय गिरने वाली ओस सुबह होते-होते बर्फ का रूप ले लेती है। आज तड़के नगर के विभिन्न इलाकों में घास, पेड़-पौधों की पत्तियों, टीन की छतों, तिरपाल, छानी-छप्परों और खुले मैदानों में जमी बर्फ साफ तौर पर देखी गई। सफेद बर्फ की परत ने पूरे क्षेत्र को किसी पहाड़ी पर्यटन स्थल जैसा दृश्य प्रदान कर दिया।
ठंड का असर जनजीवन पर भी साफ नजर आ रहा है। सूर्यास्त के बाद सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो जाते हैं। ठंड से बचने के लिए जगह-जगह अलाव जलाए जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आए श्रद्धालु, तीर्थयात्री और पर्यटक भी ठिठुरते नजर आए, हालांकि कई सैलानी इस दुर्लभ नजारे को देखकर बेहद उत्साहित दिखाई दिए। सुबह के समय इंद्र दमन तालाब के आसपास और पवित्र नर्मदा नदी के रामघाट के उत्तर एवं दक्षिण तट पर जमी बर्फ ने वातावरण को बेहद मनोहारी बना दिया। श्रद्धालु और पर्यटक बर्फ से ढके घाटों और मैदानों के बीच तस्वीरें खिंचवाते नजर आए। स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए भी यह नजारा किसी रोमांच से कम नहीं था।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक अमरकंटक में ठंड का असर बना रह सकता है। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। कुल मिलाकर पवित्र नगरी अमरकंटक इस समय शीतलहर की गिरफ्त में है, जहां एक ओर ठंड ने जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं दूसरी ओर बर्फ से सजा यह प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों के लिए यादगार बनता जा रहा है।