जेल में कैदी पर सोते समय बड़ी कहासुनी और फिर दो कैदी पहुंच गए अस्पताल
छतरपुर जिला जेल से देर रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां जेल के भीतर ही दो कैदियों के बीच हिंसक टकराव हो गया। गौरिहार थाना क्षेत्र के ग्राम कितपुरा निवासी दो आरोपियों के बीच हुए इस विवाद में एक कैदी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल से ग्वालियर रेफर किया गया है।
इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, देर रात करीब 2 बजे जिला जेल में बंद 307 के मामले में 10 साल की सजा काट रहा कैदी हकीम सिंह अचानक हमले का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि हकीम सिंह हाल ही में लवकुशनगर जेल से ट्रांसफर होकर छतरपुर जिला जेल लाया गया था। इसी दौरान उसी बैरक में बंद दूसरे कैदी लक्खू माहेश्वरी ने सोते समय उस पर पत्थर से जानलेवा हमला कर दिया।
हमला इतना गंभीर था कि हकीम सिंह को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोटें आईं। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल घायल कैदी को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। सूत्रों के अनुसार, आरोपी लक्खू माहेश्वरी पर पहले से भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यहां तक कि उसका नाम पूर्व में पुलिस शॉर्ट एनकाउंटर से जुड़े मामलों में भी सामने आ चुका है। ऐसे अपराधी का जेल में खुले तौर पर हिंसक हमला करना, जेल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
घटना के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने देर रात ही कार्रवाई करते हुए आरोपी लक्खू माहेश्वरी के खिलाफ धारा 109 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आखिर जेल के भीतर हमला कैसे हुआ, पत्थर कहां से आया और दोनों कैदियों के बीच विवाद की असली वजह क्या थी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है। सवाल यह है कि जब कैदी जेल के अंदर भी सुरक्षित नहीं हैं, तो सुरक्षा इंतजामों की हकीकत क्या है?