Sagar- कांग्रेस का अंदरूनी घमासान, जिला अध्यक्ष के खिलाफ पुतला दहन का ऐलान
मध्य प्रदेश के सागर जिले की रहली विधानसभा से कांग्रेस पार्टी के लिए चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने आई है। पार्टी के भीतर लंबे समय से सुलग रहा असंतोष अब खुलकर सड़क पर आने की कगार पर है। ब्लॉक अध्यक्षों की नई नियुक्तियों के बाद जहां कुछ कार्यकर्ताओं में उत्साह है, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ नेताओं और पुराने कार्यकर्ताओं ने खुला मोर्चा खोल दिया है।
कांग्रेस के भीतर मची इस उथल-पुथल के बीच पूर्व जिला ग्रामीण महासचिव महेंद्र सिगोनिया का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह कांग्रेस के जिला ग्रामीण अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनका पुतला दहन करने का ऐलान करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की हम आधिकारिक पुष्टि नहीं करते, लेकिन वीडियो ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह को सार्वजनिक मंच पर ला खड़ा किया है।
महेंद्र सिगोनिया का आरोप है कि ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति में खुला पक्षपात किया गया है। योग्य और वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर चहेतों को पद सौंपे गए हैं। उनका कहना है कि अगर इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं हुआ, तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे और जिला अध्यक्ष का पुतला दहन करेंगे।
रहली विधानसभा क्षेत्र में इस ऐलान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस के अंदर ही अपनों के खिलाफ इस तरह का विरोध पार्टी संगठन की कमजोर होती पकड़ को दर्शाता है। कार्यकर्ताओं में साफ तौर पर दो गुट नजर आ रहे हैं—एक तरफ नई नियुक्तियों से खुश समर्थक, तो दूसरी तरफ खुद को उपेक्षित मानने वाला खेमा।
जानकारों का मानना है कि अगर समय रहते पार्टी नेतृत्व ने इस असंतोष को नहीं संभाला, तो आने वाले चुनावों से पहले कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। अंदरूनी बगावत का सीधा असर जमीनी संगठन और चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है। अब सवाल यह है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इस बढ़ते असंतोष पर क्या रुख अपनाते हैं? क्या पार्टी नेतृत्व बगावती सुरों को शांत कर पाएगा, या रहली की यह रार कांग्रेस के लिए बड़ा राजनीतिक नुकसान साबित होगी?