सागर में C&D वेस्ट पर सख्ती, सड़क पर मलवा दिखा तो तुरंत उठवाएं – निगमायुक्त खत्री |SAGAR TV NEWS|
शहर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नगर निगम सागर ने सख्त रुख अपनाया है। निर्माण और विध्वंस कार्यों से निकलने वाले सीएंडडी वेस्ट यानी टूटे मकानों का मलवा, ईंट, गिट्टी, पत्थर, लकड़ी और अन्य सामग्री यदि सड़कों, गलियों या खुले मैदानों में पड़ी मिली, तो संबंधित व्यक्ति से तत्काल उसे उठवाया जाएगा। यह स्पष्ट निर्देश नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने शहर के निरीक्षण के दौरान दिए। निगमायुक्त ने कहा कि अक्सर लोग मकान निर्माण या तोड़फोड़ के दौरान निकलने वाले मलवे को बोरियों या ढेर के रूप में घरों के आसपास छोड़ देते हैं। समय के साथ ये बोरियां फट जाती हैं और धूल-मिट्टी शहर में फैल जाती है। वाहनों की आवाजाही से उड़ती धूल न सिर्फ स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करती है, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बनती है। ऐसे में धूलकणों को हवा में मिलने से रोकना नगर निगम की प्राथमिकता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नगर निगम द्वारा संचालित सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की टीम से संपर्क कर निर्धारित दरों पर मलवा उठवाएं और उसका वैज्ञानिक तरीके से निपटान कराएं। सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा स्थापित यह अत्याधुनिक प्लांट लगातार संचालित है, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर के माध्यम से शहर से मलवा उठाकर प्रोसेस किया जा रहा है, जिससे शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। निगमायुक्त ने यह भी कहा कि निर्माण और विध्वंस कार्य के दौरान हरी नेट, टीन शेड या अन्य कवरिंग का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि धूल-मिट्टी आसपास न फैले। चाहे मलवा एक बोरी हो या ट्रॉली भर, उसे व्यवस्थित निपटान के लिए नगर निगम को सौंपना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
वहीं, इसी क्रम में विधायक शैलेन्द्र जैन ने निगमाध्यक्ष वृंदावन अहिरवार और निगमायुक्त राजकुमार खत्री के साथ नगर निगम सभाकक्ष में विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में सीवर प्रोजेक्ट, अमृत 2.0, अमृत 3.0 और टाटा पाइपलाइन योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। विधायक ने छोटे तालाब सौंदर्यीकरण सहित अधूरे टेंडर कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने और शहर में खेल मैदान व ऑडिटोरियम निर्माण के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए। नगर निगम अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कर स्वच्छ, सुंदर और विकसित सागर का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।