Sagar- विश्व की सबसे बड़ी शिवलिंग, दर्शन को उमड़ी अपार भीड़, देवरी में आस्था का महासंगम
सागर जिले के देवरी में उस वक्त आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला, जब विश्व का सबसे बड़ा पाषाण निर्मित शिवलिंग नगर में पहुंचा। कश्मीर से कन्याकुमारी को जोड़ने वाले देश के सबसे बड़े नेशनल हाईवे-44 पर जैसे ही यह विशाल शिवलिंग देवरी पहुंचा, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देर शाम पहुंचे इस शिवलिंग के दर्शन के लिए लोग सड़कों के दोनों ओर खड़े नजर आए और पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा।
यह विशाल शिवलिंग तमिलनाडु के चेन्नई स्थित महाबलीपुरम से 22 नवंबर को रवाना हुआ था, जो लगभग एक माह की लंबी यात्रा तय कर सागर जिले की देवरी पहुंचा। करीब 180 टन वजनी, 33 फीट ऊंचा और 33 फीट गोलाई वाला यह शिवलिंग एक विशेष पाषाण से निर्मित है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग माना जा रहा है। इसे देखने और पूजन के लिए जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। लोगों ने ट्राले के पास रुककर फूल, नारियल अर्पित किए और भगवान शिव से मनोकामनाएं मांगीं।
शिवलिंग को ले जा रहे ट्राले के साथ मौजूद चालक दल के सदस्य आलोक सिंह ने बताया कि यह यात्रा बेहद चुनौतीपूर्ण रही है। 110 पहियों वाले विशेष ट्राले पर रखे इस विशाल शिवलिंग को विशेष सावधानी और तकनीकी व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देवरी से आगे यह यात्रा जारी रहेगी और आगामी 20 दिनों के भीतर यह शिवलिंग बिहार के पटना-चंपारण जिले पहुंचेगा।
बताया जा रहा है कि यह ऐतिहासिक शिवलिंग पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट की महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत बन रहे विश्व स्तरीय विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा। करीब 120 एकड़ क्षेत्र में निर्माणाधीन इस भव्य मंदिर का शिखर लगभग 270 फीट ऊंचा होगा, जो इसे विश्व के सबसे विशाल धार्मिक परिसरों में शामिल करेगा।
देवरी में शिवलिंग के आगमन से न सिर्फ धार्मिक उत्साह देखने को मिला, बल्कि यह यात्रा लोगों के लिए आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा से जुड़ने का एक अविस्मरणीय क्षण बन गई। श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐसा अद्भुत दृश्य जीवन में पहली बार देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।