पुलिसकर्मी ने घर पहुंचकर जेल और बुलडोजर से मकान गिराने को कहा तो युवक ने दी जा-न
एमपी के सागर संभाग के दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां छेड़छाड़ के आरोप से आहत एक युवक ने वीडियो बनाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, वहीं परिजनों ने पुलिस पर धमकाने और मानसिक दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, हटा के शास्त्री वार्ड निवासी रितेश बंसल पर शनिवार को तीन नाबालिग छात्राओं ने बड़े आरोप लगाए थे। शिकायत मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन रितेश और उसके दो साथी वहां से चले गए। पुलिस छात्राओं को थाने ले गई। बताया गया कि बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी राजीनामा हो गया था।
परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद शनिवार को पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और जेल भेजने और बुलडोजर से मकान गिराने की धमकी दी। इस कथित पुलिसिया दबाव से रितेश मानसिक रूप से टूट गया। परिजनों के मुताबिक, उसने शनिवार को ही एक वीडियो रिकॉर्ड कर अपनी पीड़ा जाहिर की और रविवार दोपहर ईदगाह मस्जिद के पास नीम के पेड़ के पास अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
मृतक के भाई रोहित बंसल ने बताया कि घटना की शुरुआत एक मामूली सड़क हादसे से हुई थी, जब बाइक छात्राओं से टकरा गई थी और रितेश ने तत्काल माफी भी मांगी थी। इसके बावजूद मामला बढ़ता चला गया और छेड़छाड़ का आरोप लगने से उसका भाई गहरे सदमे में चला गया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव घर पहुंचा, आक्रोशित परिजनों और मोहल्लेवासियों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और पुलिसकर्मियों व शिकायतकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग की।
मौके पर पहुंचे हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने समझाइश दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद परिजन शांत हुए और अंतिम संस्कार किया गया। एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदौरिया ने बताया कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी, यह भी देखा जाएगा कि किन परिस्थितियों में पुलिस युवक की तलाश कर रही थी और कौन-कौन से पुलिसकर्मी उसके घर गए थे। यह मामला न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि पुलिसिया कार्रवाई और सामाजिक दबाव पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।