सागर-खिमलासा में मंदिर मामले ने पकड़ा तूल, कुशवाहा समाज का चक्काजाम, घंटों थमी रही आवाजाही
सागर जिले के खिमलासा क्षेत्र की नई बस्ती में शासकीय भूमि पर बने मंदिरों और सामुदायिक भवन को लेकर उपजा विवाद सोमवार को सड़क पर आ गया। मामला इतना बढ़ गया कि कुशवाहा समाज के लोगों ने नारायणी मंदिर तिराहा पर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के चलते सड़क के तीनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दरअसल, खिमलासा की नई बस्ती में करीब आधा एकड़ शासकीय भूमि पर लव-कुश मंदिर, शिव मंदिर, हरसिद्धि माता मंदिर के साथ एक सरकारी सामुदायिक भवन बना हुआ है। आरोप है कि कुशवाहा समाज के कुछ लोगों द्वारा इस शासकीय भूमि के चारों ओर बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा था, जिससे अन्य समाज के लोगों में असंतोष पनपने लगा। उनका कहना था कि बाउंड्री वॉल बन जाने से शिव मंदिर और हरसिद्धि माता मंदिर के दर्शन में बाधा उत्पन्न होगी।
इसी बीच खाटू श्याम के कुछ भक्तों द्वारा उसी सरकारी भूमि पर नया खाटू श्याम मंदिर बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई। इसके लिए पिलर भी खड़े कर दिए गए, जिससे विवाद और गहरा गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और मामला सड़क तक पहुंच गया। कुशवाहा समाज के लोगों ने नारायणी मंदिर तिराहा पर चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही खुरई एसडीएम मनोज चौरसिया, तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के थानों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। एसडीएम मनोज चौरसिया ने दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद सुलझाने का प्रयास किया और सुझाव दिया कि संबंधित मंदिरों को सरकारी ट्रस्ट के अंतर्गत लिया जाए, ताकि सभी समाज के लोगों को समान अधिकार मिल सके।
हालांकि, अन्य समाज के लोग इस प्रस्ताव पर सहमत हो गए, लेकिन कुशवाहा समाज के लोग इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हुए और जाम जारी रखा। पुलिस और प्रशासन की लगातार समझाइश के बाद आखिरकार चक्काजाम खुलवाया जा सका, तब जाकर यातायात सामान्य हुआ। एसडीएम मनोज चौरसिया ने सरपंच अशोक साहू को निर्देश दिए कि दोनों पक्षों के प्रतिनिधि मंगलवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचें, जहां मंदिरों को सरकारी ट्रस्ट में लेने की प्रक्रिया पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।